Sunday, 14 October 2012

डीयू में 70 स्‍टूडेंट्स को भरी सभा में दी गई शर्मनाक सजा

Krishana Rao
नई दिल्ली। दिल्ली विश्वविद्यालय के इंदिरा गांधी इंस्टीट्यूट ऑफ फिजिकल एजुकेशन में नियमित सभा में महज पांच मिनट की देरी से पहुंचे करीब 70 छात्र-छात्राओं को सभा में मौजूद एक शिक्षक ने दंड में 200 मीटर की फ्रंट रोल कराई।
 
स्कूलों में शारीरिक रूप से बच्चों को दंडित करने के मामलों से परे विवि स्तर पर यह अपनी तरह की पहली घटना कही जा सकती है। घटना के बाद जब छात्र-छात्राओं की हालत बिगड़ी तो उन्होंने प्रिंसिपल कार्यालय के बाहर विरोध-प्रदर्शन कर कार्रवाई की मांग। आनन-फानन में कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. देविंद्र के. कंसल ने आरोपी शिक्षक से न सिर्फ स्पष्टीकरण मांगा बल्कि उसे सभा से भी निष्कासित कर दिया है।
 
क्या है मामला : मामला 11 अक्टूबर दोपहर तीन बजे का है जब इस कॉलेज में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं की कॉलेज ग्राउंड में नियमित सभा हो रही थी। इसमें एक क्लास के देरी से छूटने के चलते सभा में देरी से पहुंचे बीएससी फिजिकल एजुकेशन स्पोर्ट्स साइंस सेकंड ईयर व एक अन्य पाठ्यक्रम के करीब 70 छात्र-छात्राओं को वहां मौजूद एक शिक्षक ने दंडित किया।
 
हैरान करने वाली बात यह थी कि सभा प्रमुख शिक्षक डॉ. अशोक सिंह इस प्रकरण में खामोश रहे और इस शिक्षक ने छात्र-छात्राओं से 200 मीटर के ट्रैक पर और बास्केटबॉल कोर्ट में फ्रंट रोल कराया। नतीजतन छात्र-छात्राओं को काफी चोटें आईं।
 
एक छात्रा ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि उन्हें और उनके जैसी कई छात्राओं को मासिक धर्म के दौरान दंडित किया गया जो बेहद शर्मनाक व परेशान करने वाला था।

Saturday, 6 October 2012

रैना ने पाकिस्तान को कहा बेशर्म, फिर मांगी माफी

Rahul Tayagi
रैना ने पाकिस्तान को कहा बेशर्म, फिर मांगी माफी
Suresh Raini
टीम इंडिया के स्टार बल्लेबाज सुरेश रैना विवादों में उलझते दिख रहे हैं। रैना ने अपने ट्विटर अकाउंट पर टी 20 वर्ल्ड कप (T-20 WC: फ्लेचर ने ली खिलाड़ियों की क्‍लास, शुक्‍ला भी नाखुश) के सेमीफाइनल मुकाबले में श्रीलंका के हाथों पाकिस्तान की हार (फाइनल में पहुंचा श्रीलंका, 16 रन से हारा पाकिस्तान) पर लिखा, 'एक-दो दिन लेट गए घर!!!! वह भी बेशर्म की तरह गए...बाय बाय पाकिस्तान!' रै
ना ने यह ट्वीट भी किया कि वह लंबे समय बाद घर लौटे हैं और 13 अक्टूबर से शुरू हो रहे चैंपियंस लीग के लिए अपनी आईपीएल टीम को ज्वॉइन कर उन्हें बहुत खुशी हो रही है। (टीम पर बोझ हैं जहीर, वीरू और गंभीर)

पाकिस्तान के खिलाफ किए गए ट्वीट पर विवाद की आशंका को देखते हुए रैना ने इसे अपने ट्विटर हैंडल से हटा दिया। हालांकि, रैना ने बाद में सफाई देते हुए ट्वीट किया, 'स्मार्ट फोन्स खतरनाक होते हैं। यह मुझे कल रात तब पता चला जब मेरे भतीजे ने कुछ अनापशनाप ट्वीट कर दिए। मैं एक खिलाड़ी हूं और किसी का अपमान नहीं कर सकता हूं। मैं इस ट्वीट को पहले डिलीट कर चुका हूं। लेकिन मुझे लगा कि इस मुद्दे पर सफाई जरूरी है। जिन लोगों को इस ट्वीट से दुख पहुंचा है, उनसे मैं माफी मांगता हूं। मैं किसी का अपमान करने वाला आदमी नहीं हूं।' (जब दिल कहेगा, तभी लूंगा संन्यास: सचिन)
 

यूं हुआ कंगारुओं का गेल एंड कंपनी से झगड़ा

Rahul Tayagi
खेल डेस्क.  आईसीसी ट्वेंटी-20 वर्ल्ड कप के दूसरे सेमी फाइनल में वेस्ट इंडीज की टीम विजयी रही। ऑस्ट्रेलिया को 74 रन के विशाल अंतर से हरा कर कैरिबियाई टीम फाइनल में पहुंच गई। अब रविवार को होने वाले खिताबी मुकाबले में उसका सामना श्रीलंका से होगा।
इस मैच के दौरान कुछ मजेदार वाकये देखने को मिले। क्रिस गेल ने तूफानी अंदाज में 75 रन बना कर 205 रन का विशाल स्कोर खड़ा करने में अपनी टीम की मदद की।
गेल एंड कंपनी द्वारा हुई गेंदबाजों की धुलाई के बाद ऑस्ट्रेलियाई टीम चिढ़ गई। उसकी खीज सेकंड इनिंग शुरू होने से पहले दिखाई दी। एक ओर जहां कंगारू झल्ला रहे थे, वहीं दूसरी ओर वेस्ट इंडीज के खिलाड़ी उन्हें चिढ़ा कर मजे ले रहे थे।

सोने की खेती, फिर भी जिंदगी में है तंगी का तूफान!

Rahul Tayagi
जगदलपुर.छत्तीसगढ़ मका एक जिला है कांकेर। इसके दुर्गकोंदल क्षेत्र में बहने वाली एक नदी कोटरी में सोने के कण मिलते हैं। इस नदी की जलधारा में सोने के बहुत छोटे छोटे सोने के कण मिलते हैं। इस नदी के आस-पास के क्षेत्र में सोनझरिया नामक समाज के लोग बसते हैं और इन्हीं सोने के कणों से यह लोग अपनी आजीविका चलाते हैं।


यह लोग सोने के कण पानी से छान-छान कर अपना जीवन-यापन करते हैं। लेकिन विडम्बना यह है कि सोने की खेती करने वाले इन लोगों को सरकार की तरफ से तो कोई सहायता नहीं मिलती लेकिन फिर भी यह दिन-दिन भर सोना खोजते रहते हैं।

इस नदी के अलावा यह समाज सबरी, कोलाब और आमोर आदि नदियों से भी सोने के महीन कण निकालने का कार्य करते हैं। ताजा सर्वेक्षणों में यहां 2700 किलोग्राम सोने का पता चला है।

इतना सब होने के बावजूद इस क्षेत्र के लोगों का जीवन बहुत ही कठिनाइयों से भरा हुआ है। जानिए कैसे:

Thursday, 27 September 2012

इधर अमरनाथ बर्खास्‍त, उधर सहवाग पर गिरेगी गाज!



Mange Lal
कोलंबो.  मुंबई में बीसीसीआई ने एक बड़ा फैसला लेते हुए सेलेक्‍टन कमेटी से अमरनाथ को बाहर (पूरी खबर पढ़ें)  कर दिया है। संदीप पाटिल को टीम इंडिया का नया चीफ सेलेक्‍टर चुना गया है। उधर, श्रीलंका में वर्ल्‍ड कप खेलने गई टीम में शामिल सहवाग पर भी गाज गिरने के आसार हैं। उन्‍हें आगे के मैच से भी बाहर रखा जा सकता है। इंग्‍लैंड के खिलाफ मैच में उन्‍हें नहीं खेलाया गया था। क्रिकेट विशेषज्ञ अयाज मेमन के मुताबिक अगर टीम इंडिया को अच्‍छा खेलना है तो सहवाग को प्‍लेइंग 11 से बाहर रखना ही होगा। सहवाग प्रैक्टिस भी नहीं कर रहे हैं और उनके चोटिल होने की विरोधाभासी खबरें भी आ रही हैं। गुरुवार को कप्‍तान महेंद्र सिंह धोनी ने यहां प्रेस कांफ्रेंस में भी असमंजस साफ नहीं किया। उन्‍होंने कहा कि सीनियर खिलाडि़यों पर नजर है। धोनी ने कहा कि शुक्रवार के मैच में सहवाग को खेलाने पर अभी फैसला नहीं हुआ है।
टी-20 वर्ल्‍ड कप के पहले सुपर मुकाबले में गुरुवार को श्रीलंका-न्यूजीलैंड आमने-सामने होंगे, वहीं दूसरे मैच में वेस्टइंडीज-इंग्लैंड में भिड़ंत होगी। टीम इंडिया का सुपर-8 में पहला मुकाबला 28 सितंबर ऑस्ट्रेलिया से होगा। टी20 वर्ल्‍ड कप के इतिहास में दोनों टीमें दो बार एक-दूसरे के आमने-सामने हुईं हैं और दोनों को एक-एक बार जीत हासिल हुई है। मतलब मुकाबला बराबरी का है। लेकिन भारतीय टीम इसे हल्‍के में ले रही है।
इंग्लैंड से मैच जीतने के बाद टीम इंडिया मौज-मस्‍ती में डूब गई है। भारतीय क्रिकेटर अभ्यास पर कम ध्‍यान दे रहे हैं जबकि पर्यटन स्थलों, शॉपिंग मॉल, समुद्री रिसॉर्ट में घूमने जाते रहते हैं। कप्तान धोनी भी टीम के इस कदम का समर्थन करते हैं। उनका कहना है, 'अभ्यास में क्या रखा है। हम सब अच्छे फॉर्म में हैं। हम सभी सीधे मैच खेलने में सक्षम हैं।' कप्तान का तर्क है कि जितने ज्यादा रिलैक्स रहेंगे उतना ही प्रदर्शन में निखार आएगा। टीम में कई खिलाड़ी हैं जो मैदान में पसीना बहाने के बजाय होटल के कमरे में समय बिता रहे हैं।

Wednesday, 19 September 2012

ये संस्कार आपको सम्मान दिलाता है...

Haridwar

 आप अपने ही घर में बुजुर्ग लोगों पर नजर डालें तो पाएंगे कि वे विश्वास से अधिक जिए हैं और नई पीढ़ी पर दृष्टि रखें तो पाएंगे कि ये लोग विचार से जीते हैं। विश्वास से जीने वालों के पास संतोष, धर्य और शांति होती है। वे तर्क के सामने निरुत्तर होते हैं।
गुजरती पीढ़ी से यदि पूछा जाए कि वे आज भी कुछ काम ऐसे कर रहे हैं, जिनका उनके पास जवाब नहीं है तो वे यही कहेंगे कि सारा मामला विश्वास का है। उन्होंने रिश्तों में विश्वास किया है, प्रकृति पर विश्वास किया है और सबसे बड़ा विश्वास उनके लिए परमात्मा है।
नई पीढ़ी विचार को प्रधानता देती है। विचार और विश्वास सही तरीके से मिल जाएं तो आनंद और बढ़ जाएगा। खाली विश्वास एक दिन आदमी को पंगु बना देगा। उसकी सक्रियता आलस्य में बदल सकती है। इस बदलते युग में वह लाचार हो जाएगा और शायद बेकार भी।
खाली विचार से चलने वाले लोग घोर अशांत पाए जाते हैं। श्रीश्री रविशंकर एक जगह कहते हैं - उदारता इसमें है कि जीवन में दोनों का संतुलन हो। विश्वास का अर्थ है स्वयं के प्रति आदरपूर्ण होना।
विश्वास और विचार जुड़ते ही हम समग्र के प्रति आदरपूर्ण हो सकते हैं। जब हम कहते हैं कि परमात्मा महान है तो इसका विश्वास में अर्थ है कि सचमुच वो महान है और विचार का अर्थ होगा कि वो महान है इसलिए उसकी कृति के रूप में हम भी महान हैं। हमें उस महानता को याद रखना है और वैसे ही कार्य करने हैं।
किसी को आदर देकर हम स्वयं भी सम्मान पाते हैं। जैसे-जैसे विचार और विश्वास जीवन में मिलते जाएंगे, वैसे-वैसे विज्ञान और धर्म का भी संतुलन जिंदगी में होता रहेगा।