Sunday, 29 December 2013

कंपनियों ने 27.4 अरब डॉलर के विलय अधिग्रहण सौदे किए

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आर्थिक गतिविधियों में नरमी के चलते इस साल भारतीय कंपनियों द्वारा किए जाने वाले विलय एवं अधिग्रहण सौदों में गिरावट देखने को मिली। आलोच्य साल 2013 में लगभग 30 अरब डॉलर मूल्य के करीब 500 सौदे हुए परंतु अगले साल विशेषकर आम चुनावों के बाद इनमें गति आने की उम्मीद है।
सौदों पर निगरानी रखने वाली विभिन्न कंपनियों के आंकड़ों के अनुसार उल्लेखनीय है कि 2012 में भारतीय कंपनियों ने 35.4 अरब डॉलर मूल्य के 598 विलय एवं अधिग्रहण सौदे, जबकि 2011 में 44.6 अरब डॉलर मूल्य के 644 सौदे हुए थे। सौदों के मूल्य में लगातार दूसरे साल गिरावट दर्ज की गई है और विलय एवं अधिग्रहण सौदों के लिए अच्छी मांग है और सौदों की संख्या 2014 में बढ़ सकती है। ग्रांट थोर्नटन के अनुसार 13 दिसंबर, 2013 तक 27.4 अरब डॉलर मूल्य के कुल 480 ऐसे समझौते हुए जिनमें भारतीय कंपनियां शामिल थीं। उसके बाद से कुछ और सौदों की घोषणा की गई है। सौदों पर निगाह रखने वाली वैश्विक फर्म मर्जरमार्केट के भारतीय ब्यूरो प्रमुख मिथुन वरके ने कहा कि अगले साल यानी 2014 में सौदे मुख्यत: स्थानीय उपभोग पर आधारित क्षेत्रों विशेषकर उपभोक्ता एवं दवा क्षेत्र से होंगे।

चीन ने दी दूसरे बच्चे पैदा करने की औपचारिक अनुमति

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चीन की शीर्ष विधायिका ने शनिवार को एक प्रस्ताव पारित किया जिसमें उन युगलों को दो बच्चों को पैदा करने की अनुमति दी गई है जिनके माता-पिता की एक ही संतान है।
समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, नेशनल पीपल्स कांग्रेस (एनसीपी) की स्थायी समिति ने अपने द्विमासिक सत्र में परिवार नियोजन नीति में समायोजन और सुधार का प्रस्ताव पारित कर दिया। नई नीति के संज्ञान के लिए चीन में प्रस्ताव प्रांतीय कांग्रेस और उनकी स्थायी समितियों को सौंपा गया। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) ने 18वें सीपीसी सेंट्रल कमेटी के तीसरे पूर्ण अधिवेशन में ही एक संतान नीति को सरल करने का फैसला लिया था।

समस्याओं के समाधान के लिए 10 दिन का समय दें:केजरीवाल

Image Loadingदिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली में लोगों की समस्याओं और शिकायतों के समाधान के लिए एक प्रणाली का गठन करने के लिए रविवार को 10 दिन का समय मांगा।
केजरीवाल ने कहा कि वह एक प्रणाली विकसित हो जाने के बाद ही उनसे मिलने आ ए लोगों के प्रार्थना पत्रों को स्वीकार करेंगे। उन्होंने कहा कि मैं आपको झूठा दिलासा नहीं देना चाहता हूं। हम समस्याओं के समाधान के लिए एक प्रणाली विकसित कर लेने के बाद ही प्रार्थना पत्रों को स्वीकार करेंगे। केजरीवाल ने उनके आवास पर बड़ी संख्या में एकत्र हुए लोगों से कहा कि उन्हें ऐसी प्रणाली विकसित करने के लिए लोगों का समर्थन चाहिए और उनके समर्थन के बिना वह समस्याओं को सुलझा नहीं पाएंगे। उन्होंने कहा कि हमने अभी अभी सत्ता संभाली है। हमें आपकी समस्याओं को सुलक्षाने के लिए एक प्रणाली विकसित करने में सात से 10 दिन का समय लगेगा। नगर निगमों और डीटीसी में संविदा पर काम करने वाले कर्मचारी इन संगठनों में संविदा प्रणाली समाप्त करने की अपनी मांग को लेकर केजरीवाल के पास आए थे। उन्होंने मांग की कि कई वर्षों से काम कर रहे कर्मचारियों को स्थायी बनाया जाना चाहिए।

अमीर राज्य की गोद में गरीबी पल रही है: मोदी

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भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी ने रांची में एक विशाल रैली को सं बोधित करते हुए कहा कि अमीर राज्य की गोद में गरीबी पल रही है। ऐसा इसलिए है, क्योंकि झारखंड पर गलत लोगों ने शासन किया।
मोदी ने कहा कि झारखंड के गठन को सालों कांग्रेस पार्टी ने लटकाए रखा। अंत में अटल बिहारी वाजपेयी ने झारखंड के लोगों की भावनाओं को समझा और इस राज्य का गठन किया। मोदी ने कहा कि हम वाजपेयी के प्रति सदा आभारी रहेंगे, क्योंकि उन्होंने इसका निर्माण किया। लेकिन जिन उम्मीदों के लिए इस राज्य का गठन किया गया, हमें उन उम्मीदों पर खरे उतरने है। मोदी ने कहा कि लेकिन अभी वाजपेयी की उम्मीदों का झारखंड नहीं बना है, इसलिए हमें इसके लिए कोशिश करनी चाहिए। दुर्भाग्यवश झारखंड की गरीबी बढ़ती ही जा रही है। उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ का गठन झारखंड के साथ ही हुआ था, लेकिन झारखंड सबसे पीछे रह गया। जिन तीन राज्यों ने एक साथ गठन हुआ था, उनमें छत्तीसगढ़ आगे निकल गया और अन्य दो पीछे रह गए। उनमें भी झारखंड सबसे पीछे रह गया। मोदी ने कहा कि झारखंड में इतनी क्षमता है कि यह कई सारे देशों से अधिक सम्पन्न हो सकता है, लेकिन ऐसा संभव नहीं हो पाया। मोदी ने कहा कि कांग्रेस की सरकार पर यकीन नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के दिन लद गए हैं और अब जनता द्वारा उसे उखाड़ फेंकने का समय आ गया है।

लालू बोले, राहुल के सामने कुछ नहीं हैं मोदी, केजरीवाल

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मुजफ्फरनगर में दंगा पीड़ितों के राहत शिविरों का दौरा करने आए राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने राहुल गांधी की प्रशंसा करते हुए रविवार को कहा कि नरेंद्र मोदी और अरविंद केजरीवाल कांग्रेस उपाध्यक्ष के सामने कुछ भी नहीं हैं।
लालू प्रसाद ने यहां साम्प्रदायिक हिंसा के लिए भाजपा और सपा को दोषी ठहराया। राजद प्रमुख ने कहा कि उनका दल लोकसभा चुनावों के लिए कांग्रेस के साथ गठबंधन करेगा। उन्होंने कहा कि राहुल के सामने केजरीवाल और मोदी कुछ नहीं है। आप लोगों ने उन्हें (केजरीवाल, मोदी को) चांद पर बैठा दिया है। आप ही हैं, जिन्होंने उनका प्रचार किया है। उन्होंने अब तक किया क्या है। शामली में गत रविवार को राहुल गांधी के दौरे के एक सप्ताह बाद यहां दौरे पर आए लालू ने कांग्रेस उपाध्यक्ष के विचारों का समर्थन करते हुए कहा कि शिविरों में रह रहे लोगों को अपने गांवों में लौट जाना चाहिए। लालू ने कहा कि हम यहां पीड़ितों के आंसू पोंछने आए हैं। उन्हें अपने घर लौट जाना चाहिए। सरकार को इस कार्य में मदद करनी चाहिए। लालू ने आम आदमी पार्टी की आलोचना करते हुए कहा कि पार्टी लालबत्ती वाली कारों और सुरक्षा आदि जैसी सुविधाएं लेने से इनकार करके नाटक कर रही है। उन्होंने कहा कि आप भ्रष्टाचार के बारे में बात कर रही है, लेकिन वे खुद भ्रष्ट हैं। लालू ने मोदी पर निशाना साधते हुए उनके निकट सहयोगी अमित शाह को समाज को साम्प्रदायिक बनाने के लिए गुजरात के मुख्यमंत्री का महाप्रबंधक करार दिया। उन्होंने कहा कि वह (शाह) पूरे माहौल को खराब कर रहे हैं। यहां (उत्तर प्रदेश में) काम कर रहे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, मोदी और अमित शाह इसके लिए जाने जाते हैं और देखिए दंगे हो गए। लोग यहां साथ मिलकर रहा करते थे, लेकिन दंगे हो गए। लालू ने कहा कि अमित शाह को उत्तर प्रदेश में पार्टी की चुनाव मुहिम संभालने के लिए भेजे जाने के बाद यहां साम्प्रदायिक हिंसा हुई। वह राज्य का माहौल खराब कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा देश की दुश्मन है, हम भाजपा के दुश्मन है। उन्होंने कहा कि जिन ताकतों ने अफवाह फैलाई थी कि भगवान गणेश दूध पी रहे हैं, वे पूरे समाज को साम्प्रदायिक बनाने और बाह्य एवं आंतरिक विभाजन को बढावा देने की कोशिश कर रही है। युवक मुख्य रूप से इसका शिकार हैं। लालू को अल्पसंख्यक समुदाय के बीच एक लोकप्रिय नेता माना जाता है और उनकी पार्टी राजद ने मुख्य रूप से मुस्लिम-यादव समर्थन से 15 वर्ष तक बिहार में सत्ता संभाली। राजद प्रमुख ने कहा कि विभाजनकारी ताकतें और हस्तिनापुर (दिल्ली) की सीट पर कब्जा करने की चाहत रखने वालों ने हिंदू राज्यों को निशाना बनाया है। उन्होंने कहा कि मैंने पटना में एक रैली में कहा था कि लोगों को यह निर्णय लेना है कि 2014 के चुनावों में देश एक रहेगा या विभाजित हो जाएगा। चारा घोटाला मामले में जमानत पर जेल से बाहर आए लालू ने दंगा पीड़ितों से बात करते हुए कहा कि वह जेल में होने के कारण उनसे मिलने पहले नहीं आ सके। लालू ने कहा कि राहत शिविरों में रह रहे लोगों पर शुरुआत में कोई ध्यान नहीं दिया गया। यदि शुरुआत में ही उन पर ध्यान दिया जाता तो आज हालात बेहतर होते।
 सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव ने विवादास्पद बयान दिया था कि शिविरों में रह रहे लोग दंगा पीड़ित नहीं, बल्कि राजनीतिक कार्यकर्ता हैं। यादव ने इस बयान का जिक्र करते हुए कहा कि यह बहुत बुरी बात है, मैंने लोगों को यह कहते भी सुना है कि शिविरों में रह रहे लोग पीड़ित नहीं हैं। उन्होंने सपा प्रमुख को याद दिलाते हुए कहा कि उनकी धर्मनिरपेक्ष सरकार के लिए अल्पसंख्यकों ने इतने खुले दिन से मतदान किया था कि उन्हें भी उम्मीद नहीं थी कि वह इतने बड़े अंतर से जीत दर्ज करेंगे। लालू ने कहा कि मैं किसी की आलोचना नहीं कर रहा हूं, लेकिन प्रशासन को इस मामले में शुरुआत में जो ध्यान देना चाहिए था, वह नहीं दिया गया। उत्तर प्रदेश के एक वरिष्ठ अधिकारी के राहत शिविरों में लोगों के ठंड ने नहीं मरने संबंधी बयान के बारे में पूछे जाने पर लालू ने कहा कि वे सभी पागल हो गए हैं, इन अधिकारियों के ऐसे बयानों का खामियाजा किसी और को भुगतना पड़ेगा।

Saturday, 28 December 2013

कोई पैसे मांगे तो मना मत करना, बस, मुझे बता देना: अरविंद केजरीवाल

नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली के मु
ख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद जनता को संबोधित करते हुए कहा कि आज जो शपथ ली गई है, वो अरविंद केजरीवाल ने नहीं ली है, ना ही इन मंत्रियों ने नहीं ली, बल्कि यह शपथ दिल्

ली की जनता ने ली है। ये कवायद अरविंद केजरीवाल को मुख्यमंत्री बनाने के लिए नहीं थी, बल्कि भ्रष्टाचार समाप्त करने के लिए थी। यहां केजरीवाल की जीत नहीं हुई है, बल्कि आम आदमी की जीत हुई है। केजरीवाल ने साथ ही कहा कि पहले तो कोई काम भी रिश्वत के बिना नहीं होता था, लेकिन मैं ऐलान करता हूं, अगर आपसे कोई पैसे मांगे तो मना मत करना, उससे सेटिंग कर लेना। हम आपको दो दिन के भीतर एक फोन नंबर देंगे। आप बस उस नंबर पर तुरंत सूचना दे देना। हम सभी रिश्वत लेने वाले को रंगे हाथों पकड़वा देंगे।
एक नजर में पढ़ें शपथ ग्रहण के बाद अरविंद केजरीवाल का संबोधन
दोस्तों, बैरिकेडिंग को मत तोड़िए, बाउंड्री पर मत दौड़िए। इससे पुलिस वालों को व्यव्स्था बनाए रखने में परेशानी हो रही है। बहनों, भाइयों, माताओं, बुजुर्गो, आप सबको सबसे पहले मेरा नमस्कार, मेरा प्रणाम। दोस्तों आज बहुत ही ऐतिहासिक दिन है। आज जो शपथ ली गई है, वो अरविंद केजरीवाल ने नहीं ली, इन मंत्रियों ने नहीं ली, बल्कि दिल्ली की जनता ने ली है। ये कवायद अरविंद केजरीवाल को मुख्यमंत्री बनाने के लिए नहीं थी। यहां केजरीवाल की जीत नहीं हुई है, आम आदमी की जीत हुई है।
दिल्ली के लोगों ने इस बार विधानसभा चुनाव में बहुत बड़ा काम करके दिखाया है। इस देश के लोग पूरी तरह से निराश हो चुके थे। ऐसा लग रहा था कि इस देश का कुछ नहीं हो सकता है, यहां कुछ भी नहीं बदल सकता, लेकिन दिल्ली की जनता ने दिखा दिया कि ईमानदारी से चुनाव लड़े भी जा सकते हैं और जीते भी जा सकते हैं। ये जीत दिल्ली के लोगों की जीत है। मैं ईश्वर को धन्यवाद देना चाहूंगा कि ये जो जीत हुई है वो वाकई कुदरती करिश्मा लगती है, जो दो साल पहले बिलकुल नहीं लगता है। इसके लिए भगवान, ईश्वर, अल्ला का शुक्रिया अदा करता हूं, लेकिन दोस्तों असली लड़ाई अभी बची है। ये लड़ाई सिर्फ केजरीवाल नहीं लड़ सकते हैं, लेकिन दिल्ली के डेढ़ करोड़ लोग एकजुट हो जाएं तो हम लड़ाई जीत सकते हैं। यह भी सच है कि मेरे हमारे पास सारी समस्याओं का समाधान नहीं है और ना ही हमारे पास जादू की छड़ी है कि आज सरकार बनेगी और कल सबकुछ सही हो जाएगा, लेकिन दिल्ली के लोग मिलजुलकर इसका समाधान कर सकते हैं। दिल्ली के अंदर ऐसी व्यवस्था चलाएंगे कि डेढ़ करोड़ लोग मिलकर सरकार बनाएंगे और सरकार चलाएंगे।
दोस्तों, आज से ढाई साल पहले यहीं इकट्ठा हुए थे। हमने सिर्फ भ्रष्टाचार दूर करने की मांग की थी। अनशन किया, प्रदर्शन किया, लेकिन यह साफ हो गया कि जबतक राजनीति नहीं बदलेगी तब तक तकदीर नहीं बदलेगी। अन्ना जी कहते थे कि राजनीति कीचड़ है, लेकिन मैं उन्हें समझाता था कि इसके अंदर जाकर ही इसे सुधारा जा सकता है। राजनीति खराब होने के कारण सभी समस्याएं सामने हैं। दोस्तों इसी राजनीति को साफ करने के लिए हमलोग निकले हैं और आज बहुत ऐतिहासिक दिवस है। पिछले दो साल से संघर्ष कर रहे हैं और इस दौरान हमने संतोष कोली को खो दिया।
आज कल कई लोग कहते हैं कि अरविंद जी सतर्क रहना। अफसर शाही आपको सतर्क नहीं होने देंगे। मुझे इस बात से कोई हिचक नहीं है और मैं देश की सेवा करना चाहता हूं। दिल्ली की अफसरशाही को यह दिखाना होगा कि जनता इकट्ठी हो जाए तो हम लोग देश को भ्रष्टमुक्त बना सकते हैं। मैं अपने विधायकों से विनती करना चाहूंगा कि हमारे अंदर कभी घमंड नहीं आना चाहिए। जिस दिन यह घमंड आ गया, उस दिन सारी तपस्या खत्म हो जाएगी। यह बात कार्यकर्ताओं के लिए भी लागू होती है। हमें सबके सामने हाथ जोड़कर विनम्रता के साथ काम करना है। हमें सेवाभाव कभी नहीं भूलना चाहिए। दोस्तों आज हम सभी लोगों ने मिलकर बड़ी से बड़ी ताकतों का ललकारा है, सांप्रदायिक ताकतों को ललकारा है दोस्तों। ये कभी शांत नहीं बैठेंगी, लेकिन सच्चाई का रास्ता तो कांटो भरा ही होता है। जैसे आज तक हमने सारी चुनौतियों का सामना किया है, वैसे ही हम आगे भी चुनौतियों का सामना करते रहेंगे।
मैं समझता हूं कि हमारे ऊपर दिल्ली की जनता ने बहुत बड़ी जिम्मेदारी दी है, उसे हम पूरा करेंगे। कई बार मन में डर लगता है। मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि हम सफल होंगे या नहीं ये हमारे हाथ में नहीं है, लेकिन हे प्रभु हमें इतनी शक्ति देना कि हमसे कोई चूक न हो। इस पूरे संघर्ष में मैं सभी का आह्वान करता हूं। डॉ हर्षवर्धन जो भाजपा के नेता हैं, वे बहुत अच्छे इंसान हैं, उनकी पार्टी के बारे में तो कुछ नहीं कह सकता लेकिन वे बहुत अच्छे इंसान हैं। मैं उन्हें बहुत अच्छी तरह से जानता हूं। सभी पार्टियों से भी अपील करता हूं कि अगर उन्हें यह सब सही लगे तो वे भी अच्छे कामों में उनका साथ दें।
एक सप्ताह में विश्वास मत का प्रस्ताव आएगा। कुछ लोग कह रहे हैं कि विश्वास मत हासिल नहीं होगा, लेकिन मुझे इस बात का डर नहीं है। अगर विश्वास मत हासिल नहीं किया तो मैदान में उतर जाएंगे और जनता चुनाव के लिए तैयार है। चिंता तो दूसरी पार्टी वाले कर रहे हैं, हम नहीं कर रहे हैं। साथियों अंत में मैं यह कहना चाहूंगा कि पिछले दो साल में इस देश में बहुत कुछ अद्भुत हो रहा है। यह सब भगवान, ईश्वर का चमत्कार है। दामिनी का बलात्कार हुआ तो पूरा देश सड़कों पर उतर आया। बलात्कार तो इससे पहले भी हुआ था, लेकिन ऐसा आंदोलन नहीं हुआ था। मुझे विश्वास है कि अगर ऐसा ही चलता रहा तो अगले पांच साल में यह देश सोने की चिड़िया कहलाएगा।
दोस्तों, अब हम सब लोगों को मिलकर दिल्ली को बदलना है। हम यह कसम खाएंगे कि कभी रिश्वत नहीं लेंगे और ना ही देंगे। पहले तो कोई काम भी रिश्वत के बिना नहीं होता था, लेकिन मैं ऐलान करता हूं और अगर आपसे कोई पैसे मांगे तो मना मत करना, उससे सेटिंग कर लेना। हम आपको दो दिन के भीतर एक फोन नंबर देंगे। आप उस नंबर पर तुरंत सूचना दे देना। हम सभी रिश्वत लेने वाले को रंगे हाथों पकड़वा देंगे। आपका काम नहीं रुकेगा। आपका काम मैं करवाउंगा। आप यह कसम खाइए कि मैं न रिश्वत लूंगा, न ही दूंगा। आपलोग मेरे साथ दोहराइए, मैं कसम खाता हूं कि अपनी जिंदगी में न कभी रिश्वत लूंगा और न कभी दूंगा। इसी बात को उन्होंने जनता से दोहरवाया। पार्टी की प्रार्थना के साथ अपना संबोधन समाप्त किया।

गैर परंपरागत राजनीति के प्रतीक हैं आम मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल

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राजनीति के वैकल्पिक ब्रांड के प्रतीक के रूप में उभरे और इंजीनियर से लोकसेव क बने अरविंद केजरीवाल ने आप को सत्ता में लाकर राजनीतिक सोच बदल दी है। आम आदमी पार्टी की इस जीत से कार्यकर्ताओं की उस पार्टी ने उस व्यंग्य का एक मीठा सा बदला ले लिया है, जिसमें उसे कभी बेहद कमजोर बताया गया था।
     
आम आदमी पार्टी के 45 वर्षीय नेता ने सामने से मोर्चा संभालकर गैर परंपरागत तरीके से अपनी मुहिम शुरू की और उनकी पार्टी ने दिल्ली विधानसभा चुनावों में दूसरी सबसे बड़ी पार्टी बनकर कांग्रेस के 15 साल के शासन को समाप्त कर दिया। आप के एजेंडे में आम आदमी के हितों को केंद्र में रखते हुए केजरीवाल ने तीन बार मुख्यमंत्री रह चुकीं शीला दीक्षित को हरा दिया।
देश के राजनैतिक क्षितिज पर नए सितारे की तरह उभरकर पहली बार में चुनावी मैदान में सफलता हासिल कर लेने वाले केजरीवाल की पार्टी आप को अपना सबसे यादगार उपनाम उस समय मिला था, जब कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा ने इस साल की शुरुआत में आप को मैंगो पीपुल इन बनाना रिपब्लिक यानि राजनैतिक रूप से बेहद कमजोर देश के लोग कहा था।
    
चेहरे मोहरे से वास्तविक आम आदमी की छवि को साकार करने वाले केजरीवाल को देखकर कहीं यह महसूस नहीं होता कि विनम्र वाणी और सादा हावभाव वाला यह शख्स दिल्ली की सियासत का चेहरा बदलने की कुव्वत रखता है। भ्रष्टाचार के खिलाफ बरसों पहले शुरू की गई अपनी मुहिम को आईआईटी के इस पूर्व छात्र ने धीरे-धीरे एक जन आंदोलन में बदल दिया और राजनीति के दिग्गजों को जब तक उनका खेल समझ में आता, वह सत्ता के गलियारों तक अपनी पहुंच बना चुके थे।
   
परिवर्तन का सपना लेकर राजनीति में उतरे केजरीवाल अपनी विनम्र वाणी और सहज व्यक्तित्व से राजधानी के लोगों को एक बेहतर कल का सपना दिखाने और नयेपन की उम्मीद जगाने में कामयाब रहे और महंगाई, भ्रष्टाचार, लाल फीताशाही और नौकरशाही से आजिज मतदाताओं ने 4 दिसंबर को केजरीवाल को अपना नया नेता चुन डाला।
   
लंबे समय से समाजिक क्षेत्र में सक्रिय रहे जिस केजरीवाल को राजनीति का नौसीखिया कहकर खारिज किया जा रहा था, उसी केजरीवाल ने एक शानदार राजनैतिक शुरुआत करते हुए महज एक साल की आम आदमी पार्टी के जरिए वर्षों से स्थापित राजनैतिक तंत्र को चुनौती देकर राजनीति में अपनी मजबूत जगह बना ली।
   
केजरीवाल ने भारतीय राजनीति के खेल के पुराने नियम-कायदों को हटाते हुए इस खेल के नए मापदंड तय किए। भ्रष्टाचार विरोधी पार्टी के रूप में शुरू हुए इस सामाजिक आंदोलन ने पूरे भारत में मौजूद छात्रों, किसानों, नागरिक अधिकार समूहों, गैर सरकारी संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, महिला समूहों और शहरी युवाओं की असीमित उर्जा अपने साथ ले ली।