Saturday, 10 August 2013

सेमीफाइल में हारीं पीवी सिंधू, भारत की झोली में कांस्य

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PV Sidhu
भारतीय शटलर पीवी सिंधू का वर्ल्‍ड बैडमिंटन चैंपियनशिप का फाइनल खेलने का सपना टूट गया है. वह सेमीफाइनल मुकाबले में हार गईं. उन्हें कांस्‍य पदक से ही संतोष करना पड़ेगा.
हालांकि यह भी अपने आप में एक इतिहास है, क्योंकि वर्ल्ड चैंपियनशिप के महिला एकल वर्ग में भारत की झोली अब तक खाली ही थी.
सेमीफाइनल में उन्हें दुनिया की नंबर 3 खिलाड़ी थाईलैंड की रतचानोक इंतानोन ने सीधे सेटों में 21-10, 21-13 से हरा दिया. यह एकतरफा मुकाबला 36 मिनट तक चला. भारत की 10वीं रैंकिग वाली सिंधू शुरू से ही थाई विपक्षी के सामने कमतर नजर आ रही थीं. हालांकि दस मिनट बाद उन्होंने गति पकड़ी, पर फिर भी वह पूर्व नंबर एक खिलाड़ी को टक्कर नहीं दे सकीं.
सिंधू ने क्वार्टर फाइनल जीतकर ही कांस्य पदक पक्का कर लिया था. इससे पहले के मुकाबलों में पीवी सिंधू ने दो चीनी खिलाड़ियों को हराया था. साइना नेहवाल और पारूपल्ली कश्यप पहले ही वर्ल्ड चैंपियनशिप से बाहर हो चुके हैं.
भारत ने विश्व चैम्पियनशिप में कुल तीसरी बार और लगातार दूसरी बार पदक हासिल किया है. सबसे पहले भारत के लिए 1983 में कोपेनहेगन में प्रकाश पादुकोण ने पुरूष एकल में कांस्य पदक जीता था. फिर 2011 में लंदन में हुई पिछली विश्व चैम्पियनशिप में ज्वाला गुट्टा और अश्विनी पोनप्पा की अनुभवी जोड़ी ने भारत के लिए कांस्य पदक हासिल किया था.

अब नजरों की भाषा जानना हुआ आसान...

नजरों से खुलेगा राज
नजरों से खुलेगा राज


अब तक सिर्फ प्रेमी युगल के बीच ही निगाहों-निगाहों में बात होने के बारे में सुना गया था, लेकिन वैज्ञानिकों ने ऐसी तकनीक खोज निकाली है, जिसकी मदद से आप
का लैपटॉप भी आपकी निगाहों की बात जान लेगा.
अपनी बात कहने में असमर्थ मरीजों की मदद के लिए ईजाद की गई इस तकनीक में सिर्फ लैपटॉप और एक कैमरे की मदद से मरीजों से पूछे गए प्रश्नों का जवाब उनकी निगाहों से जाना जा सकेगा.
विज्ञान शोध पत्रिका 'करेंट बायोलॉजी' में प्रकाशित शोधपत्र में कहा गया है कि इसके लिए इस्तेमाल किए जाने वाले उपकरणों की सहायता से मरीज की पुतलियों के आकार में आने वाले परिवर्तन को पढ़कर उनके उत्तर को जाना जा सकेगा. अमूमन मनुष्य की पुतलियों के आकार में परिवर्तन मानसिक गुणा-जोड़ करते वक्त होता है.
वेबसाइट 'ईसाइंसन्यूज डॉट कॉम' ने शोधकर्ताओं के हवाले से कहा है कि पुतली के आकार को मापने वाली यह नई प्रणाली सिर्फ ऐसे मरीजों के लिए ही मददागर नहीं होगी, जो गंभीर रूप से बातचीत करने में असक्षम हों, बल्कि यह प्रणाली ऐसे मरीजों की मानसिक स्थिति जानने में भी मददगार हो सकता है, जिनकी चेतना की अवस्था स्पष्ट न हो.
वेबसाइट ने जर्मनी के मारबर्ग में स्थित फिलिप्स विश्वविद्यालय में शोधकर्ता वॉल्फगैंग ईनहॉसर के हवाले से कहा, 'हमारे लिए यह बहुत महत्वपूर्ण बात है कि सभी स्वस्थ व्यक्तियों पर किया गया परीक्षण पूरी तरह कामयाब रहा. हमें पूरा विश्वास है कि बिना किसी फेरबदल और प्रशिक्षण के इसे मरीजों के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है.'
ईनहॉसर ने कहा, 'चेतनाशून्य या कम चेतना वाले मरीजों के लिए, जैसे कोई मरीज यदि कॉमा में हो या ऐसी अवस्था में हो कि वह आपके प्रश्नों का उत्तर न दे सकता हो, तो ऐसी अवस्था में अगर किसी तरह का संचार स्थापित किया जा सके तो यह बहुत बड़ी उपलब्धि कही जाएगी.'

PM बोले, अरिहंत का परमाणु संयंत्र लंबी छलांग


नई दिल्ली। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने शनिवार को कहा कि भारत की पहली स्वदेशी परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत के परमाणु संयंत्र का
सक्रिय होना "स्वदेशी प्रौद्योगिकी क्षमताओं की ओर प्रगति की दिशा में एक लंबी छलांग को प्रदर्शित करता है।" प्रधानमंत्री ने एक बधाई संदेश में आईएनएस अरिहंत के संयंत्र को चालू करने से जुड़े सभी वैज्ञानिकों और रक्षा कर्मचारियों की सराहना की।
उन्होंने कहा कि मुझे यह जानकर खुशी हुई कि भारत की प्रथम स्वेदश निर्मित परमाणु पनडुब्बी आईएनएस अरिहंत का परमाणु संयंत्र अब सक्रिय हो गया है। मैं इससे जुड़े सभी लोगों खासकर अणु ऊर्जा विभाग, भारतीय नौसेना और रक्षा शोध और विकास संगठन को इस अवसर पर बधाई देता हूं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मैं आईएनएस अरिहंत के शीघ्र कार्य संचालन का इच्छुक हूं। पनडुब्बी को संचालन योग्य बनाने की दिशा में परमाणु संयंत्र का संचालन एक महत्वपूर्ण कदम है। सूत्रों ने कहा कि संचालन योग्य बनाने से पहले पनडुब्बी का व्यापक समुद्री परीक्षण किया जाएगा। आईएनएस अरिहंत इस समय आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम के नौसेना के अड्डे पर परीक्षणों के दौर से गुजर रही है।

IAS अशोक खेमका की रिपोर्ट, रॉबर्ट वाड्रा की डील फर्जी!

कुछ ही दिनों में भारत अपना 67वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है। प्रत्येक भारतीय के लिए उसकी आजादी के भिन-भिन्न मायने रहे हैं
। कोई स्वतंत्रता को किसी नजरिए से देखता है तो किसी के लिए स्वतंत्रता का अर्थ कुछ अलग होता है। लेकिन एक बात जो हम सभी स्वीकार करते हैं वो यह है कि आजादी के बाद और आजादी के पहले वाले भारत में बहुत सी असमानताएं विद्यमान हैं। हालांकि बहुत से लोग इस बात पर एकमत हैं कि बढ़ते भ्रष्टाचार, महंगाई, आपराधिक घटनाओं की वजह से, आज का भारत वो नहीं है जिसकी कल्पना आजादी के उन मतवालों ने की थी लेकिन सच यही है कि हम जिस आजाद भारत में जी रहे हैं उसे दुनिया के सबसे बड़े और महान लोकतांत्रिक देश होने का भी गौरव प्राप्त है।
भारत की सांस्कृतिक एकता इसकी एक ऐसी विशेषता है जिसे चुनौती दे पाना किसी भी अन्य राष्ट्र के लिए टेढ़ी खीर है। इतना ही नहीं, जहां दुनिया के अन्य लोकतांत्रिक देशों पर, कभी मिलट्री राज की वजह से तो कभी तानाशाही के कारण, उनकी संप्रभुता व अखंडता के छिनने का खतरा बना ही रहता है, वहीं दूसरी ओर भारत अपने मौलिक रूप में एक सफल लोकतांत्रिक देश का बेजोड़ उदाहरण बनकर पेश होता है।
आर्थिक और सामाजिक विकास की बात करें तो हर पड़ाव पर भारत ने शानदार विकास का मुजाहिरा किया है। इसी वजह से कुछ साल पहले विश्व बैंक ने भी भारत को विकासशील नहीं बल्कि ट्रांसफॉर्मिंग (बदलाव की ओर अग्रसर) राष्ट्र की उपाधि दी थी। संविधान ने भले ही भारत को एक धर्म निरपेक्ष राज्य का दर्जा दिया हो लेकिन भारतीय किसी कानून की वजह से नहीं बल्कि पूरी निष्ठा के साथ सभी धर्मों का आदर करते हैं। यही वजह है कि भारत में धार्मिक संघर्ष भी कम ही देखे जाते हैं। विभिन्न नकारात्मक और सकारात्मक राजनैतिक, सामाजिक और आर्थिक पहलुओं के बीच हमारा आपसे बस यही सवाल है कि ‘क्यों है सारे जहां से अच्छा हिन्दुस्तान हमारा’?

बताएं - क्यों है सारे जहां से अच्छा हिन्दुस्तान हमारा ?

कुछ ही दिनों में भारत अपना 67वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है। प्रत्येक भारतीय के लिए उसकी आजादी के भिन-भिन्न मायने रहे हैं। कोई स्वतंत्रता को किसी नजरिए से देखता है तो किसी के लिए स्वतंत्रता का अर्थ कुछ अलग होता है। लेकिन एक बात जो हम सभी स्वीकार करते हैं वो यह है कि आजादी के बाद और आजादी के पहले वाले भारत में बहुत सी असमानताएं विद्यमान हैं। हालांकि बहुत से लोग इस बात पर एकमत हैं कि बढ़ते भ्रष्टाचार, महंगाई, आपराधिक घटनाओं की वजह से, आज का भारत वो नहीं है जिसकी कल्पना आजादी के उन मतवालों ने की थी लेकिन सच यही है कि हम जिस आजाद भारत में जी रहे हैं उसे दुनिया के सबसे बड़े और महान लोकतांत्रिक देश होने का भी गौरव प्राप्त है।
भारत की सांस्कृतिक एकता इसकी एक ऐसी विशेषता है जिसे चुनौती दे पाना किसी भी अन्य राष्ट्र के लिए टेढ़ी खीर है। इतना ही नहीं, जहां दुनिया के अन्य लोकतांत्रिक देशों पर, कभी मिलट्री राज की वजह से तो कभी तानाशाही के कारण, उनकी संप्रभुता व अखंडता के छिनने का खतरा बना ही रहता है, वहीं दूसरी ओर भारत अपने मौलिक रूप में एक सफल लोकतांत्रिक देश का बेजोड़ उदाहरण बनकर पेश होता है।
आर्थिक और सामाजिक विकास की बात करें तो हर पड़ाव पर भारत ने शानदार विकास का मुजाहिरा किया है। इसी वजह से कुछ साल पहले विश्व बैंक ने भी भारत को विकासशील नहीं बल्कि ट्रांसफॉर्मिंग (बदलाव की ओर अग्रसर) राष्ट्र की उपाधि दी थी। संविधान ने भले ही भारत को एक धर्म निरपेक्ष राज्य का दर्जा दिया हो लेकिन भारतीय किसी कानून की वजह से नहीं बल्कि पूरी निष्ठा के साथ सभी धर्मों का आदर करते हैं। यही वजह है कि भारत में धार्मिक संघर्ष भी कम ही देखे जाते हैं। विभिन्न नकारात्मक और सकारात्मक राजनैतिक, सामाजिक और आर्थिक पहलुओं के बीच हमारा आपसे बस यही सवाल है कि ‘क्यों है सारे जहां से अच्छा हिन्दुस्तान हमारा’?

बाज नहीं आ रहा पाकिस्तान, पुंछ में 7000 राउंड फायरिंग

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Indian army
पांच भारतीय सैनिकों की हत्या के बाद सी मा पर बढ़े तनाव के बीच पाकिस्तानी सैनिकों ने जम्मू-कश्मीर के पुंछ में नियंत्रण रेखा पर स्थित भारतीय चौकियों पर शुक्रवार रात करीब सात घंटे तक मोर्टार और भारी हथियारों से 7000 गोलियां दागकर एक बार फिर संघर्ष विराम का उल्लंघन किया।
भारतीय सेना ने इसे हाल के समय में संघर्ष विराम का सबसे बड़ा उल्लंघन करार दिया है। इससे चार ही दिन पहले पाकिस्तानी सेना के विशेष सैन्य दल के हमले में पांच भारतीय जवान शहीद हुए थे। भारतीय सेना ने प्रभावी ढंग से जवाबी कार्रवाई की। इस दौरान किसी प्रकार के जानमाल का नुकसान नहीं हुआ। रक्षा विभाग के प्रवक्ता एसएन आचार्य ने शनिवार को कहा कि पाकिस्तानी सेना ने कल रात करीब 10 बजकर 20 मिनट पर पुंछ सेक्टर के दुर्गा बटालियन इलाके में नियंत्रण रेखा पर स्थित कई भारतीय चौकियों पर अकारण गोलीबारी की। उन्होंने कहा कि उन्होंने तड़के करीब साढ़े चार बजे तक कई भारतीय चौकियों को निशाना बनाकर मध्यम मोर्टार और भारी हथियार पिका से 7000 गोलियां दागीं ताकि भारी क्षति पहुंचाई जा सके। उन्होंने बताया कि सीमा रेखा की रक्षा कर रहे भारतीय सैन्य बलों ने मोर्चा संभालते हुए प्रभावी ढंग से जवाबी कार्रवाई में और आईएनएसएएस रायफलों, केपीडब्ल्यूटी मशीन गनों और मीडियम मशीन गन (एमएमजी) से 4595 गोलियां दागने के अलावा 111 आरपीजी, 11 रॉकेट और 81 एमएम के 18 मोर्टार गोले दागे। उन्होंने बताया कि सीमा पार गोलीबारी में किसी प्रकार के जानमाल की हानि नहीं हुई है। सीमा रेखा पर तनाव बढ़ गया है। पुंछ शहर में गोलीबारी और मोर्टार धमाके की आवाजें सुनाई दीं और दोनों ओर से गोलीबारी होने के कारण इलाके के लोग दहशत में आ गए। गौरतलब है कि पाकिस्तानी सेना के नेतृत्व में 20 हथियारबंद लोगों के समूह ने छह अगस्त को पुंछ सेक्टर में भारत की सीमा में 450 मीटर तक प्रवेश करके घात लगाकर हमला किया था, जिसमें भारतीय सेना के पांच जवान शहीद हो गए थे। नियंत्रण रेखा पर पिछले सप्ताह भारतीय जवानों की हत्या के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव बढ़ गया है। इस घटना का असर भारत-पाकिस्तान वार्ता की बहाली पर भी दिख सकता है। भारत के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री नवाज शरीफ के अगले माह न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा सम्मेलन के इतर मिलने की योजना है। पुंछ सेक्टर में पाकिस्तानी सैन्य बलों के आठ जनवरी को किए गए हमले के पश्चात दो भारतीय सैनिकों के शव मिलने के बाद वार्ता प्रक्रिया रोक दी गई थी। इनमें से एक सैनिक का सिर कटा हुआ था। रक्षा मंत्री एके एंटनी ने इस जघन्य कृत्य के लिए पाकिस्तानी सेना को दोषी ठहराया था और चेतावनी भी दी थी कि गत मंगलवार को हुई घटना का असर नियंत्रण रेखा पर भारत के व्यवहार और पाकिस्तान के साथ संबंधों पर पड़ेगा। उन्होंने कहा था कि अब यह स्पष्ट है कि पाकिस्तानी सेना के विशेष सैन्य दल इस हमले में शामिल थे। उन्होंने कड़ा रुख अख्तियार करते हुए संसद में कहा था कि पुंछ सेक्टर में नियंत्रण रेखा पर भारतीय सैनिकों पर किए गए जघन्य और अकारण हमले से हम सभी आहत हैं और स्वाभाविक रूप से इस घटना से नियंत्रण रेखा पर हमारे व्यवहार और पाकिस्तान के साथ हमारे संबंधों पर प्रभाव पड़ेगा। एंटनी ने पाकिस्तान को संदेश देते हुए कहा था कि हमारे संयम को हल्के ढंग से नहीं लिया जाए और न ही सशस्त्र सेनाओं की क्षमता और नियंत्रण रेखा की गरिमा बनाए रखने के सरकार के संकल्प पर कभी संदेह किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा था कि इस त्रासदी और इससे पहले इस वर्ष के आरंभ में दो सैनिकों की निर्मम हत्या के लिए जिम्मेदार पाकिस्तान में बैठे लोगों को सजा मिलनी ही चाहिए।

भंसाली की फिल्‍म में नहीं है ऐश्‍वर्या का आइटम नंबर

Aishwarya rai bachan

ऐश्‍वर्या राय बच्‍चन
फिल्मकार संजय लीला भंसाली ने अपनी आने वाली फिल्म 'राम लीला' के बारे में उड़ रही अफवाहों का खंडन करते हुए कहा है कि फिल्म में ऐश्वर्या राय का आइटम गीत शामिल करने की बात सच नहीं है. कुछ समय के लिए ही सही लेकिन इस अफवाह ने लोगों को हैरानी में डाल दिया था कि ऐश्वर्या एक आइटम गीत से फिल्मों में वापसी कर रही हैं. लेकिन, ऐश्वर्या के साथ दो फिल्में 'देवदास' और 'गुजारिश' बना चुके भंसाली इन अफवाहों को पूरी तरह से खारिज कर चुके हैं.
उन्होंने कहा, 'पहले सोनाक्षी सिन्हा को लेकर यह अफवाह उड़ाई गई थी, फिर माधुरी दीक्षित का नाम आया और अब ऐश्वर्या राय. तीनों ही अफवाहों में जरा भी सच्चाई नहीं है.' वैसे ऐश्वर्या ने व्यक्तिगत तौर पर इस बारे में कोई टिप्पणी नहीं की है, लेकिन उनके एक करीबी सूत्र का कहना है कि इस समय सिर्फ आराध्या (ऐश्वर्या और अभिषेक की बेटी) ही उनकी पहली प्राथमिकता है.
सूत्र ने बताया, 'वह अब धीरे-धीरे पटकथाएं देखना शुरू कर रही हैं. कुछ बेहतरीन कहानियों के लिए तो कभी कभी ऐश्वर्या का दिल मचल भी जाता है, लेकिन फिर उनका फैसला होता है कि यह सही वक्त नहीं है. वह आराध्या के बचपन का एक-एक पल उसके साथ गुजारना चाहती हैं.'
दूसरी तरफ सूत्र ने बताया कि हिमेश रेशमिया के निर्माण में बनने वाली 1983 की सफलतम फिल्म 'मासूम' में दो कारणों से ऐश्वर्या के काम करने की संभावना है. पहली, यह ऐश्वर्या की पसंदीदा फिल्म है और दूसरे फिल्म के निर्माता-निर्देशक उनकी सुविधा के अनुसार शूटिंग की तारीखें रखने के लिए तैयार हैं. फिल्म का निर्देशन बेदब्रत पेन करेंगे.