Tuesday, 13 August 2013

मटर मंगोडी़ की सब्ज़ी - Matar Mangodi Curry





की सब्ज़ी खाने में स्वादिष्ट होती है. आप अपनी पसंद के अनुसार इसे मूंग दाल की मंगोडी़, चना दाल की मंगोडी़, उरद दाल की मंगोडी़ के साथ भी बना सते हैं.

ज़रूरी सामग्री:

  • मटर के दाने - 2 कप
  • मूंग दाल की मंगोडी़ - 100 ग्राम (1 कप)
  • टमाटर - 4 मध्यम आकार के
  • हरी मिर्च - 2
  • अदरक - 1 इंच लम्बा टुकड़ा
  • मूंगफली के दाने छिले हुये - 2 टेबल स्पून
  • तेल - 3-4 टेबल स्पून
  • हींग - 1-2 पिंच
  • जीरा - आधा छोटा चम्मच
  • हल्दी पाउडर - आधा छोटी चम्मच
  • धनियां पाउडर - 1 छोटी चम्मच
  • लाल मिर्च पाउडर - 1/4 छोटी चम्मच
  • नमक - स्वादानुसार (1 छोटी चम्मच)
  • गरम मसाला - 1/4 छोटी चम्मच
  • हरा धनिया - 2 -3 टेबल स्पून (बारीक कटा हुआ)

बनाने की विधि:

मटर के दानों, टमाटर, हरी मिर्च और अदरक को अच्छे से धो लें. अब मूंगफ़ली के दानों के साथ अदरक, मिर्च और टमाटर के टुकडे़ करके उन्हें मिक्सी में डाल कर बारीक पीस लें. और तैयार पेस्ट को किसी अलग बर्तन में निकाल लें.
कूकर में 1 टेबल स्पून तेल गरम करके उसमें मूंग दाल की मगोडी़ को डाल कर चलाते हुए हल्का ब्राउन होने तक भून लें. फिर उन्हें किसी अलग बर्तन में निकाल लें.

अब बाकी बचे 2 चम्मच तेल को कूकर में डाल कर गरम करें. इसमें हींग और जीरा डाल कर भूनें. फिर हल्दी और धनिया पाउडर डाल कर थोडा़ सा भून लें. अब इसमें टमाटर-मूंगफ़ली वाला मसाला और लाल मिर्च डाल कर हल्का चलाते हुए भूनें. जब तेल मसाले के उपर दिखने लगे तो आपका मसाला तैयार है.
तैयार मसाले में मटर और मगोडी़ डाल कर अच्छे से मिक्स होने तक चला कर भून लें. अब इसमें 2-3 कप पानी डाल कर कूकर का ढ़क्कन बंद कर दें और 1 सीटी आने के बाद गैस को धीमी कर के सब्ज़ी को 2-3 मिनट तक पकाएं. गेस बंद कर दें आपकी सब्ज़ी तैयार है.
मटर मगोडी की सब्ज़ी को डोंगे में निकाल कर धनिया से सजाएं और चावल, चपाती या परांठे के साथ इसका मज़ा लें.
प्याज़ वाली सब्ज़ी बनाने के लिए 2 मीडियम आकार के प्याज़ को बारीक काट कर जीरा भूनने के बाद भून लें और फिर उपर बताई विधि अनुसार बना लें.

उपर दी सामग्री से 40 मिनट में 4-5 लोगों के लिए सब्ज़ी तैयार हो जाएगी.

Monday, 12 August 2013

स्केटिंग और सर्फिंग में माहिर हैं ये एथलीट चूहे

Shane Willmottकिसी की नजर तेज होती है, किसी की अकड़ बड़ी होती है, किसी के पंजे डराते हैं, तो किसी की बदबू आपको दूर रहने को मजबूर करती है। जानवर ऐसे ही होते हैं, आपका इनके लिए भाव भी कुछ ऐसा ही होता है। इन सबके बावजूद जानवरों के प्रति इंसानी प्रेम भी जगजाहिर है। शहरों में कुछ लोग घर की रखवाली के लिए कुत्ता पालते हैं, तो किसी को बिल्लियां पालने का शौक भी होता है। सर्कस में करतब करते हाथी-बंदर, शेर भी आपने देखे होंगे। इन सबमें एक अदना सा प्राणी, छोटा सा, बेचारा चूहा हमेशा सबकी नजरों में खटकता है। जरा सी आहट हुई नहीं कि उसे भगाने के तरीके ढूंढ़ने लगते हैं। लेकिन यहां जिस चूहे के बारे में हम आपको बताने जा रहे हैं, उसकी मासूम अदाओं से शायद आपको प्यार ही हो जाए!
वह चूहा तो है, पर एक आम चूहा न होकर, वह एक खिलाड़ी चूहा है। वह स्केटिंग कर सकता है, पानी पर सर्फिंग कर सकता है। वह अकेला भी नहीं है, उसका गुरु भी उसके हर कदम पर उसके साथ है। हम बात कर रहे हैं ऑस्ट्रेलिया के कुछ प्रशिक्षित, खिलाड़ी चूहों की। ये खिलाड़ी चूहे आम चूहों की तरह दिनभर आपके घर के सामान कुतरने और चीजें खराब करने के लिए इधर-उधर नहीं घूमते, बल्कि आपसे भी कठिन अपनी दिनचर्या में ये चूहे दिन-रात स्केटिंग और सर्फिंग का अभ्यास करते हैं। जी नहीं, इन चूहों को नहीं पता कि सर्फिंग और स्केटिंग क्या चीज होती है और किस प्रकार की जाती है। लेकिन इनके गुरु शेन विलमॉट को बहुत अच्छी तरह इन दोनों खेलों की जानकारी है।
ऑस्ट्रेलिया के 42 वर्षीय शेन विलमॉट 10 सालों से चूहों को स्केटिंग और सर्फिंग का प्रशिक्षण दे रहे हैं। शेन विलमॉट के प्रशिक्षण में ये चूहे आज इतने तेज-तर्रार हैं कि किसी आग की लपटों से घिरे रिंग से भी स्केटिंग करते हुए उड़कर बाहर आ सकते हैं। इन चूहों के ये करतब देखकर लोग दांतों तले अंगुलियां दबाते हैं। इस तरह हाथी-बंदर को सर्कस में करतब करते हुए आपने अब तक देखा होगा पर क्या पता भविष्य में सर्कस में चूहों के करतब भी दिख जाएं।

पूंछ वाला बच्चा

 Arshad Ali Khan Meningoceleदुनिया में जाने कितने तरह के लोग होते हैं पर मूल बनावट हर किसी की एक सी होती है। आप अफ्रीका जाओ या अमेरिका, यूरोप जाओ या ऑस्ट्रेलिया, काले-गोरे, नाटे-लंबे कई तरह के लोग मिलेंगे पर शारीरिक बनावट सबकी एक सी होती है। सबकी सूरतें अलग-अलग, हाव-भाव अलग हैं पर फिर भी सभी एक से दिखते हैं। जैसे दुनिया के किसी भी कोने में चले जाओ तीन आंखों वाला इंसान नहीं मिलेगा। किसी का भी दो सिर नहीं होगा, चार या छ हाथ नहीं होंगे, तीन पैर नहीं होंगे। हालांकि कभी-कभार अपवाद भी हो जाया करते हैं।
भारत के पंजाब प्रांत के फतेहपुर में एक 12 वर्षीय बच्चा ऐसा ही एक अपवाद है। चौंकिए मत, उसकी आंखें, सिर, हाथ-पैर सब आपकी ही तरह हैं पर हां, शरीर का एक हिस्सा इंसान के शुरुआती दौर की बात याद कराता है, यानि आदिम मानव। अपने विकास के शुरुआती दौर में इंसान बंदर माने जाते हैं और उनकी पूंछ हुआ करती थी। हालांकि धीरे-धीरे इस पूंछ की लंबाई घटते-घटते इंसानी शरीर से पूरी तरह लुप्त हो गई। पर आज भी किसी-किसी में अवांछित रूप से इसका विकास हो जाता है। फतेहपुर के इस 12 वर्षीय अरशद अली के साथ भी ऐसा ही कुछ हुआ। अरशद अली की पूंछ है।
डॉक्टरी भाषा में इसे मेनिंगोसिले नामक बीमारी के नाम से जाना जाता है पर आम लोग इसे कुछ और ही मान रहे हैं। खबरों के अनुसार पूंछ होने के साथ ही अरशद की पीठ पर हनुमान की तरह 9 पवित्र निशान भी हैं। इसके अलावे भी पैरों के तलवों पर पद्म निशान और बायीं बांह पर सीता और कड़े का निशान है। 15 फरवरी, 2001 को जन्मा अरशाद लोगों के लिए हनुमान का रूप और उनकी मनोकामनाएं पूर्ण करने वाला बच्चा है। लोग उससे आशीर्वाद लेने आते हैं। पर अरशाद की अपनी जिंदगी बहुत ही चुनौतीपूर्ण है। अरशाद के पिता की मृत्यु हो चुकी है। उसकी मां दूसरी शादी कर अपने पति के साथ रहती है। बचपन से अकेलेपन का दंश झेल रहा अरशद अपने नाना के साथ रहता है।
उसके नाना ही उसकी देखभाल करते हैं। इस अनचाही पूंछ के कारण अरशाद को चलने, उठने-बैठने में दिक्कत होती है। उसके नाना ने डॉक्टरों से जब इसे हटाने के लिए ऑपरेशन की बात की तो डॉक्टरों ने ऑपरेशन से अरशाद की जान को खतरा बताया। सातवीं कक्षा का छात्र अरशाद, लोगों के लिए कौतूहल का विषय बनकर इस पूंछ के साथ ही अपनी संघर्षमय जिंदगी जीने के लिए मजबूर है।

धवन का धमाल, दक्षिण अफ्रीका 'ए' के खिलाफ जड़ा दोहरा शतक

Shikhar dhawanप्रिटोरिया। एकदिवसीय मैचों की त्रिकोणीय सीरीज में दक्षिण अफ्रीका 'ए' के खिलाफ शिखर धवन ने धमाल मचाते हुए शानदार दोहरा शतक जड़ दिया। धवन (248) के दोहरे शतक और चेतेश्वर पुजारा (नाबाद 109) के शानदार शतक की बदौलत भारत 'ए' ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करते हुए निर्धारित 50 ओवरों में 3 विकेट के नुकसान पर 433 रन बनाए।
धवन ने महज 150 गेंदों में 30 चौके और 7 छक्कों की बदौलत शानदार 248 रन बनाए। इससे पहले भारत 'ए' की तरफ से सलामी बल्लेबाज के तौर पर शिखर धवन और मुरली विजय बल्लेबाजी करने के लिए उतरे। दोनों सलामी बल्लेबाजों ने दक्षिण अफ्रीका 'ए' के गेंदबाजों की जमकर धुनाई करते हुए मैदान के चारों ओर आकर्षक शॉट लगाए। लेकिन मुरली ने 40 रनों की संक्षिप्त पारी में 37 गेंदों का सामना किया। उन्हें हेंड्रिक्स ने विलास के हाथों कैच आउट कराया।
दूसरी ओर, शिखर धवन की विस्फोटक बल्लेबाजी का अंदाज इसी बात से लगाया जा सकता है कि उन्होंने 248 रनों की पारी में 30 चौके और 7 गगनचुंबी छक्के लगाए। इसके लिए उन्होंने 150 गेंदें खेली। धवन को थिरॉन विलास के हाथों कैच आउट कराकर भारत 'ए' को दूसरा झटका दिया।
इसके बाद पुजारा का साथ देने सुरेश रैना आए लेकिन वह कुछ खास नहीं कर सके और 6 रन के व्यक्तिगत स्कोर पर विल्जोएन ने मर्वे के हाथों कैच आउट कर चलता कर दिया। इसके बाद दिनेश कार्तिक आए । कार्तिक 18 रन बनाकर नाबाद रहे। दक्षिण अफ्रीका 'ए' की तरफ से विल्जोएन, थेरोन और हेंड्रिक्स को 1-1 विकेट मिले।

बोल्ट ने फिर हासिल किया 100 मीटर विश्व खिताब

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जमैका के उसैन बोल्ट ने ट्रैक एंड फील्ड में अपनी बादशाहत कायम रखते हुए मास्को में चल रही विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप में एक बार फिर से 100 मीटर का विश्व खिताब अपने नाम कर लिया है।
100 मीटर फर्राटा दौड़ के विश्व रिकॉर्डधारी और दो बार के ओलंपिक चैंपियन बोल्ट ने रविवार को यहां वर्षा बाधा के बावजूद अपने सत्र का सर्वश्रेष्ठ समय 9.77 सेकेंड निकालते हुए स्वर्ण पदक पर अपना कब्जा किया। इस स्पर्धा में अमेरिका के जस्टिन गैटलिन ने 9.85 सेकेंड के साथ रजत पदक तथा जमैका के ही नेस्टा कार्टर ने 9.95 सेकेंड के साथ कांस्य पदक हासिल किया। कई दिग्गज खिलाड़ियों की अनुपस्थिति में बोल्ट को पहले से ही खिताब का प्रबल दावेदार माना जा रहा था, लेकिन 100 और 200 मीटर के विश्व रिकॉर्डधारी 26 वर्षीय बोल्ट ने जीत के लिए कड़ा संघर्ष करते हुए एक बार फिर खिताब पर अपना कब्जा जमा लिया। बोल्ट ने रेस के बाद कहा कि मैं इस बार और बेहतर समय निकालना चाहता था, लेकिन मौसम के कारण मैं ऐसा नहीं कर सका, क्योंकि मुझे बारिश में गाना नहीं गाना था, बल्कि रेस लगानी थी। मैं बहुत खुश हूं, लेकिन थोड़ा थका हुआ हूं और आराम करना चाहता हूं। जमैकन स्टार ने वर्ष 2009 बर्लिन में 9.58 सेकेंड का विश्व रिकॉर्ड बनाया था, लेकिन मास्को में वर्षा बाधा के बावजूद उनकी जीत ने साबित कर दिया है कि वह ट्रैक के बादशाह हैं। हालांकि डाएगु में बोल्ट को फाल्स स्टार्ट के कारण रेस से बाहर होना पड़ा था जिसका उन्हें आज भी काफी पछतावा है। बोल्ट ने कहा कि मैं डाएगु का बदला नहीं लेना चाहता था। मैं बस यहां पर जीतने के लिए आया हूं, लेकिन यह सच है कि मैं डाएगु को भूल नहीं सकता हूं क्योंकि सभी मुझे उसके बारे में याद दिलाते रहते हैं। बोल्ट इस सत्र में अपना सर्वश्रेष्ठ समय निकालने में कामयाब नहीं रहे, लेकिन वह इस सीजन अमेरिका के टाइसन गे के जून में 9.75 सेकेंड समय के बाद दूसरा सबसे तेज समय निकालने वाले धावक बन गए हैं। टाइसन गे को चैंपियनशिप से पहले डोंपिंग के आरोपों के कारण रेस से बाहर होना पड़ा था।

जनता हो गई हैरान, जब नरेंद्र मोदी बन गए ओबामा

गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को हैदराबाद में पांच रुपये टिकट वाली रैली से चुनावी अभियान शुरू करते हुए केंद्र पर जमकर निशाना साधा। साथ ही वे अंदरूनी मनमुटाव दूर करने की कोशिश करते दिखे। मोदी ने सहयोगी दलों के रूप में तेदेपा और जयललिता को भी
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लुभाने का प्रयास किया।
बोझ बन गई है कांग्रेस: मोदी ने लाल बहादुर स्टेडियम में नवभारत युवाभेरी जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि कांग्रेस इस देश पर बोझ बन गई है। देश में कांग्रेस मुक्त भारत की हवा बन चुकी है। उन्होंने दावा किया कि केंद्र की यूपीए सरकार सीमाओं की रक्षा करने में पूरी तरह विफल है। पाकिस्तानी सैनिक पुंछ में घुसकर हमारे पांच सैनिकों की हत्या कर देते हैं। कभी सैनिकों के सिर काट लिए जाते हैं। चीनी सैनिक आए दिन हमारी सीमा में घुस जाते हैं, आखिर इन सब पर प्रधानमंत्री कोई जवाब क्यों नहीं देते। मोदी ने कहा, आडवाणीजी ने काला धन वापस लाने के लिए पूरे देश की यात्रा की। मध्य प्रदेश में शिवराज सरकार लड़कियों के लिए कई अच्छी योजनाएं चला रही है। अगर केंद्र ने छत्तीसगढ़ की रमन सरकार की तरह वितरण प्रणाली को अपनाया होता, तो खाद्य बिल लाने की जरूरत ही नहीं पड़ती। हैदराबाद में मोदी ने केंद्र पर निशाना साधा तो दिल्ली में भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने हुंकार भरी। उन्होंने कहा कि पाक की हरकतों पर भारत अपना उच्चयुक्त वापस बुला ले। रामलीला मैदान से उन्होंने दिल्ली की महंगी बिजली पर कहा कि यहां भी मुंबई मॉडल लागू होना चाहिए। बीजेपी कैंपेन कमिटी के अध्यक्ष बनने के बाद नरेंद्र मोदी ने पहली बार दक्षिण भारत में रैली की। रैली में मोदी अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की शैली की नकल करते दिखे। उन्होंने न केवल बराक ओबामा का नारा उधार लिया, बल्कि भाषा भी उन्हीं की रखी। रैली में मोदी ने केंद्र की यूपीए सरकार को जमकर कोसा। उन्होंने कहा कि अपनी करतूतों पर यूपीए सरकार चलाने वालों को डूब मरना चाहिए। हैदराबाद के लाल बहादुर शास्त्री स्टेडियम में मोदी ने कहा कि देश को कांग्रेस मुक्त बना कर हम एनटीआर को सच्ची श्रद्धांजलि दे सकते हैं। अंत में मोदी ने अमेरिकी प्रेजिडेंट ओबामा की तरह रैली में मौजूद लोगों से 'YES WE CAN, YES WE WILL DO' के नारे लगवाए। मोदी की रैली में करीब 1 लाख लोग मौजूद थे। ये लोग नरेंद्र मोदी को सुनने के लिए 5 रुपये का टिकट लेकर आए थे। आंध्र बीजेपी ने इस रैली का नाम 'नवभारत युवाभेरी' रखा था। हैदराबाद में आयोजित इस 'नवभारत युवाभेरी' में नरेंद्र मोदी ने तेलुगू में अपने भाषण की शुरुआत की। हालांकि, शुरुआती अभिवादन के बाद जल्द ही वह अपने चिर-परिचित अंदाज में हिन्दी में भाषण देने लगे। मोदी ने अपने भाषण की शुरुआत तेलुगु में करके जनसभा में मौजूद लोगों को चकित कर दिया। उन्होंने कहा कि लोगों के सामने सवाल यह है कि वे अब किस पर विश्वास करें। उन्होंने दावा किया कि केन्द्र की संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सीमाओं की रक्षा करने में पूरी तरह से विफल है। उन्होंने आरोप लगाया कि विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद शिष्टाचार के बहाने पूर्व पाकिस्तानी प्रधानमंत्री राजा परवेज अशरफ का स्वागत करने के लिए जयपुर गए। उन्होंने कहा कि यदि यह शिष्टाचार है तो हमें जम्मू कश्मीर के पुंछ सेक्टर में हुए सैनिकों के सिर काटने की घटना की तरफ भी देखना चाहिए। मोदी ने कहा कि देश की जनता जानना चाहती है कि किश्तवाड़ की हिंसा के पीछे कौन है। उन्होंने कहा कि संप्रग सरकार से लोगों को भरोसा उठ चुका है। लोगों को पूरी सुरक्षा नहीं देने के लिए केन्द्र की निंदा करते हुए उन्होंने कहा कि केन्द्र चीन के प्रति नरम रुख अपनाए हुए है। उन्होंने कहा कि चीनी सैनिक भारतीय सीमाओं में घुस जाते है और केन्द्र सरकार उनके खिलाफ कोई कदम उठाने में विफल रही है। इसके बावजूद भारत सरकार चीन के साथ अपने संबंधों को लेकर उत्सुक है और एक कैबिनेट मंत्री अपने समकक्ष के साथ वार्ता करने के लिए चीन की यात्रा करते है। मोदी ने आरोप लगाया कि अन्य देशों द्वारा भारत पर हमलों का मनमोहन सिंह सरकार पूरी तरह से विफल रही है। उन्होंने कहा कि केरल के अंबलापुझा समुद्री तट पर एक जहाज से इटली के दो नौसैनिकों द्वारा दो भारतीय मछुआरों की 15 फरवरी 2012 को गोली मारकर हत्या कर दी गई लेकिन संप्रग सरकार इस पर भी अब तक कोई कार्रवाई नहीं कर सकी है। उन्होंने भारत में बांग्लादेश और पाकिस्तान से घुसपैठियों को घुसने से नहीं रोक पाने पर भी नाराजगी जताई।

जी भरकर खाइए और बिल के बदले केवल आशीर्वाद दे जाइए

North indiaऊना। उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ चिंतपूर्णी मंदिर से करीब छह किलोमीटर दूर अलोह में एक मोहित पंजाबी ढाबा खुला है। इस ढाबे की खासियत यह है कि यहां आप जो मर्जी और जितना मर्जी खाएं, आपसे उसका बिल नहीं बल्कि आशीर्वाद मांगा जाएगा। सात अगस्त से शुरू हुए सावन अष्टमी मेले के दौरान यह ढाबा खोला गया है। मेला 15 अगस्त तक चलेगा।
यूं तो मेलों के दौरान कई लोग और संस्थाएं लंगर लगाती हैं। इस बार भी चिंतपूर्णी मेले के दौरान करीब 400 लंगर लगे हैं। यदि आपको बाल कटवाने हैं, शेव करवानी है, गाड़ी ठीक करवानी है, चाय पीनी है, पकौड़े खाने है, दवाई लेनी है तो ये सब कुछ मुफ्त में हो जाएगा, क्योंकि इसके लिए चिंतपूर्णी मार्ग पर लंगर लगे हैं।
खाने-पीने के लंगरों में एक समस्या यह है कि आपको वहां वही कुछ मिलेगा, जिस वस्तु का लंगर लगेगा। इसके विपरीत मोहित ढाबे की खासियत यह है कि वहां जाएं तो आपको मेन्यू कार्ड मिलेगा। मेन्यू कार्ड में लिखे किसी भी खाद्य पदार्थ जैसे चीज चिली, मंचूरियन, मशरूम मटर, पनीर पकौड़ा या किसी शीतल पेय का आप ऑर्डर दे सकते हैं। खाने-पीने के बाद बिल देने के लिए पर्स निकालने की जरूरत नहीं है। आप बस इतना करें कि ढाबे से जाते समय लंगर लगाने वालों को आशीर्वाद देते जाएं।
मेलों के दौरान मोहित ढाबा दिन-रात खुला रहेगा। होशियारपुर से चिंतपूर्णी के शीतला मंदिर तक के 60 किलोमीटर सफर में लगभग हर तीसरे मोड़ पर मां के भक्तों की आवभगत के लिए किसी न किसी धार्मिक संस्था के प्रतिनिधि तत्पर दिख रहे हैं।
भरवाई से चिंतपूर्णी के मुख्य मार्ग पर कई धार्मिक संस्थाओं की ओर से शीतल पेय व मिनरल वाटर मुफ्त बांटा जा रहा है। पंजाब के विभिन्न शहरों से चिंतपूर्णी तक श्रद्धालुओं को पहुंचाने के लिए मुफ्त बस सेवा का भी प्रावधान है मगर श्रद्धाभाव का जैसा नजारा मोहित ढाबे पर है, वैसा कहीं नहीं दिखा।