Friday, 11 October 2013

हमेशा अच्छा नहीं होता आंखें मिलाना

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हाल के एक अध्ययन के मुताबिक अगर श्रोता पहले से आपसे असहमत हो, तो आंखे मिलाने पर संभवत: उलटी प्रतिक्रिया मिल सकती है। जबकि पूर्व में माना जाता था कि देर तक आंखें मिलाना किसी को अपनी बात से सहमत करने या अनुनय का कारगार तरीका होता है।
एसोसिएशन फॉर साइकोलॉजिकल साइंस की पत्रिका, 'साइकोलॉजिकल साइंस' में हाल में प्रकाशित एक अध्ययन में ऐसा कहा गया है। यह अध्ययन कनाडा, जर्मनी और अमेरिका के  शोधकर्ताओं के सहयोग का नतीजा था। यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिटिश कोलंबिया के प्राध्यापक व अध्ययन के पहले लेखक फ्रांसेस चेन ने कहा, ''लोगों को प्रभावित करने के लिए आंखे मिलाने को शक्तिशाली समझने के बहुत से सांस्कृतिक विचार हैं।'' समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने चेन के हवाले से कहा, ''लेकिन हमारा निष्कर्ष दर्शाता है कि प्रत्यक्ष तौर पर आंखें मिलाना, संशयी श्रोताओं के विचारों को विरला ही बदल पाता है। इससे उतना प्रभाव नहीं होता है, जितना पूर्व में कहा जाता था।'' हाल में विकसित नेत्र गतिविधियों संबंधी प्रौद्योगिकी की मदद से शोधकर्ताओं ने परीक्षणों की एक श्रृंखला में आंखें मिलाने के प्रभावों की जांच की। उन्होंने पाया कि विविध विवादास्पद मुद्दों पर श्रोताओं ने वक्ता की आंखों में देखा जबकि वे वक्ता के तर्को से सहमत नहीं थे। शोधकर्ताओं के मुताबिक वक्ता के बोलते वक्त श्रोताओं का उसकी आंखों में देखना उनके बीच केवल अधिक से अधिक ग्रहणशीलता दर्शाता है, जबकि वे उस मुद्दे पर पहले से ही वक्ता से सहमत थे। हार्वर्ड के केनेडी स्कूल ऑफ गवर्नमेंट की अध्ययन की सह-लेखक जूलिया मिंसन ने कहा, ''ध्यान रखने वाली बात यह है कि चाहे आप एक राजनेता हों या एक अभिभावक, अग

आ रहा है ट्रांसफॉर्मर्स प्राइम बीस्ट हंटर्स

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डिस्कवरी किड्स तुम्हारे लिए ट्रांसफॉर्मर्स प्राइम बीस्ट हंटर्स लेकर जल्द आ रहा है। यह श्रृंखला एडवेंचर और एक्शन से भरी होगी। 13 अक्तूबर से हर रोज शाम 6 बजे इसे दिखाया जाएगा। इ सका दोबारा प्रसारण दोपहर 3 बजे भी किया जाएगा। ट्रांसफॉर्मर्स प्राइम बीस्ट हंटर्स के कुल 13 एपिसोड हैं।
ट्रांसफॉर्मर्स प्राइम बीस्ट हंटर्स के किरदार ऑटोबॉट और डिसेप्टिकन रोबोट्स के बीच लम्बे समय से चली आ रही लडमई में एक से बढ़कर एक योद्धा भाग लेंगे। साइबरटन ग्रह के ये ताकतवर योद्धा अपने इस महासंघर्ष को ऑप्टिमस प्राइम और बहादुर ऑटोबॉट के साथ जारी रखने के लिए पृथ्वी पर आए हैं। ये ऑटोबॉट मैगाट्रन और डिसेप्टिकन की तानाशाही से हमारी दुनिया को बचाने के लिए लड़ रहे हैं। ये नया कार्यक्रम अपने शानदार एनिमेशन के जरिये तुम्हारी कल्पनाशीलता को और ज्यादा जागृत करेगा।

भारत में मधुमेह-बीपी की समस्या बड़ी घातक

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महानगरों में रहने वाली और 30 साल से अधिक उम्र की भारत की 20 प्रतिशत जनसंख् या मधुमेह तथा उच्च रक्तचाप के खतरे से पीड़ित है। यह खुलासा हाल ही में व्यापक स्तर पर हुए एक सरकारी अध्ययन में किया गया है।
  
सरकार के कैंसर, मधुमेह, ह्दय संबंधी बीमारियों और आघात रोकथाम व नियंत्रण कार्यक्रम (एनपीसीडीसीएस) के तहत देश के लगभग 4 करोड़ लोगों को शामिल किया गया। इसमें पाया गया कि 6.34 प्रतिशत आबादी मधुमेह से पीड़ित है और 6 प्रतिशत से ज्यादा लोग उच्च रक्तचाप से पीड़ित हैं।
  
एस्कॉटर्स हार्ट इंस्टिटयूट एंड फोर्टिस अस्पताल के कार्यकारी निदेशक और कार्डियोलॉजी के डीन डॉक्टर उपेंद्र कौल ने कहा कि जब तक हम कड़े उपाय नहीं करते, तब तक उच्च रक्तचाप और मधुमेह का खतरा ज्यादा से ज्यादा लोगों को अपनी चपेट में लेता रहेगा। इनकी वजह से हदयाघात, मानसिक आघात, गुर्दा संबंधी बीमारी और जल्दी अंधापन हो सकता है। शुरुआती जीवन में ही सुरक्षात्मक उपाय अपनाकर इन्हें रोका जा सकता है।
  
दिल्ली, बंगलुरु, अहमदाबाद, चेन्नई और कामरूप (असम) सहित देश के नगरीय क्षेत्रों में किए गए अध्ययन में पाया गया कि लगभग 11 प्रतिशत लोगों के मधुमेह से पीड़ित होने और 13 प्रतिशत लोगों के उच्च रक्तचाप से पीड़ित होने का संदेह है।
  
मध्य प्रदेश में मधुमेह के सबसे कम (2.61 प्रतिशत) मामले पाए गए, जबकि सिक्किम में मधुमेह पीड़ितों का प्रतिशत सबसे ज्यादा (13.67) था। सिक्किम में उच्च रक्तचाप का प्रतिशत भी सबसे ज्यादा (18.16) था। मधुमेह के मामलों में गुजरात दूसरे नंबर (9.57 प्रतिशत) पर है। इसके बाद कर्नाटक (9.41 प्रतिशत) और फिर पंजाब (9.36 प्रतिशत) रहे।
  
डॉक्टर कौल का कहना है, उच्च रक्तचाप को मौन हत्यारा कहा जाता है, क्योंकि इसके कोई लक्षण दिखाई नहीं देते। इसलिए इसकी नियमित निगरानी जरूरी है। उच्च रक्तचाप के मामलों में सिक्किम के बाद दिल्ली (13.38 प्रतिशत) है। इसके बाद असम (10.49 प्रतिशत), तमिलनाडु (9.73 प्रतिशत) और पंजाब (9.26 प्रतिशत) हैं।

त्वचा कैंसर से लड़ने में मदद करती है सनस्क्रीन

Image Loadingसनस्क्रीन तीन तरह के त्वचा कैंसर से 100 फीसदी सुरक्षा तो करती ही है, इसके साथ ही यह उस सुपरहीरो जीन की भी सुरक्षा करती है जो कैंसर को रोकने में मदद करता है।
ऐसा माना जाता है कि सनस्क्रीन आपको सनबर्न से बचाती है, लेकिन त्वचा कैंसरों से बचाव में सनस्क्रीन के प्रभाव के बारे में अकादमिक बहसें चलती रही हैं। क्वींसलैंड यूनिवर्सिटी ऑफ टेक्नोलॉजी के बयान के अनुसार, यूनिवर्सिटी ने सनस्क्रीन के प्रभाव का अध्ययन आण्विक स्तर पर करने के लिए दुनिया का पहला मानव आधारित अध्ययन किया। शोधकर्ताओं ने पाया कि सनस्क्रीन तीनों प्रकार के त्वचा कैंसर बीसीसी, एससीसी और मेलीग्नेंट मेलानोमा से 100 फीसदी सुरक्षा प्रदान करती है। प्रमुख शोधकर्ता एल्के हैकर ने कहा कि सनस्क्रीन त्वचा कैंसर कर सकने वाले नुकसान से तो सुरक्षा देता ही है, साथ ही यह महत्वपूर्ण जीन पी53 का भी बचाव करता है। यह वही जीन है जो कैंसर को रोकने में मदद करता है। हैकर ने कहा कि जैसे ही हमारी त्वचा को सूर्य से नुकसान पहुंचता है, पी53 उस नुकसान की भरपाई में लग जाता है और त्वचा कैंसर को होने से रोकता है, लेकिन अगर सनबर्न लगातार होता रहता है तो पी53 में परिवर्तन होने लगता है और वह सूर्य की वजह से त्वचा को पहुंचे नुकसान की भरपाई नहीं कर पाता। इस सुरक्षा के न मिल पाने के कारण त्वचा कैंसर की संभावना बढ़ जाती है।

गुब्बारों के संग महासागर की सैर

Image Loadingरंगीन गुब्बारों को देख किसका जी नहीं मचलता। अगर कह दिया जाए कि इसके सहारे तुम्हें आसमान की सैर कराएंगे, तब तो झट से हामी भर दोगे तुम।
गुब्बारों की सैर किसे पसंद नहीं। हवा में उड़ो और सोचो, अगर इ न्हीं गुब्बारों के सहारे तुम अटलांटिक महासागर के पार चले गये तो कितना अच्छा अभियान होगा.. ऊपर खुला आसमान और नीचे समंदर। ऐसे ही एक रोचक कारनामे को अंजाम दिया अमेरिकी नौजवान जोनाथन ट्रैप ने।  मात्र 39 वर्ष के जोनाथन हीलियम गैस से भरे रंगीन गुब्बारों के बीच बैठ एक सुबह लंबी दूरी तय करने निकल पड़े। 12 सितंबर की सुबह भी वो एक सुनहरे सपने के साथ जगे। और इन गुब्बारों के सहारे उन्होंने अटलांटिक से यूरोप तक उड़ने की योजना बना ली। यह यात्रा 2,500 से 3,000 मील लंबी थी और वो आइसलैंड से मोरक्को तक कहीं भी लैंड कर सकते थे, जहां भी ये मनमानी बहने वाली हवा ले जाती। ऐसा अंदाजा लगाया गया कि 3 से 5 दिन तक यह यात्रा समाप्त हो जाएगी। अमेरिका स्थित नॉर्थ कैरोलीना के जोनाथन ट्रैप एक आराम कुर्सी पर बैठ इस ट्रिप के लिए रवाना हो गए। इस ट्रिप में उपयोग की गई कुर्सी को सहारा देने के लिए उन्होंने 370 रंगीन हीलियम गैस से भरे गुब्बारों की व्यवस्था की थी। इन गुब्बारों को उन्होंने पीले रंग की लाइफबोट में बांधा। इस लाइफबोट में तमाम आधुनिक साधन मौजूद थे, जो इनकी मदद कर सकते थे। जैसे जीपीएस ट्रैकर, एयरक्राफ्ट ट्रांसपौंडर, ऑक्सीजन सिस्टम, एयरक्राफ्ट रेडियो आदि। इन सबके बीच उन्होंने उड़ान भरी और वहां पहुंच उनका संदेश भी लोगों तक मिला और सबने राहत की सांस ली। इसके पहले इस तरह के ट्रिप को अंजाम देने की तमन्ना 12 बार की गयी, जिसमें पांच यात्रियों ने अपनी जान तक गंवा दी थी। लेकिन ट्रैप ने पूरी एहतियात रखी। उन्होंने सैटेलाइट फोन के जरिए अपने टीम से कॉन्टेक्ट बनाए रखा। इसके पहले 2012 में मेक्सिको में आयोजित लियोन इंटरनेशनल फेस्टिवल में भी कुछ ऐसी ही जांबाजी उन्होंने दिखायी थी, जिसे एनिमेटेड फिल्म में फिल्माया गया था। इसके साथ उन्होंने कितने ही दूसरे रिकॉर्ड भी कायम किए हैं अब तक। अब तो नया रिकॉर्ड 22 मील की लंबाई वाले इंग्लिश चैनल को यू हीं पार कर लेने का बना है।

दशहरे में हो जाए... मस्ती और धमाल

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नवरात्र चल रहे हैं। दशहरा आने वाला है, कहीं रामलीला तो कहीं डांडिया फेस्टिवल की धूम है। यानी कुल मिलाकर यह मस्ती करने का समय है। सिर्फ तुम ही नहीं, इस समय तो पूरी दिल्ली फेस्टिवल के रंग में रंगी है। शहर में जगह-जगह कई कार्यक्रम हो रहे हैं। तुम क्या कर सकते हो इस समय, कहां क्या हो रहा है और त्योहारों के बारे में कई बातें बता रही हैं मोनिका मीनल
शहर में आजकल काफी कुछ हो रहा है। रामलीलाएं चल रही हैं, डांडिया नाइट्स और दुर्गा पूजा भी शुरू होने वाली है। तो कुल मिलाकर तुम्हारे लिए आने वाले वीकएंड में करने को काफी कुछ है। तुम चाहो तो इन सभी आयोजनों में जाकर मस्ती कर सकते हो, बस सही प्लानिंग कर लो अभी से। पहले ये जान लो कि कहां क्या हो रहा है। यहां लगाओ ठुमके डांडिया बीट्स
दिल्ली में गुजरात का आनंद देने आया है डांडिया बीट्स। इसके लिए तुम्हें रोहिणी स्थित मेट्रो वॉक मॉल एंड एडवेंचर आइलैंड आना होगा। यहां डांडिया डांस के साथ मेहंदी, रंगोली, टैटू, फूड स्टाल्स के साथ अनेक मनोरंजक चीजें हैं। और तो और उनके लिए ट्रेनिंग की व्यवस्था भी है, जो डांडिया नहीं जानते।
समय-  शाम 7 बजे, प्रवेश शुल्क- 300 रुपये प्रति व्यक्ति।
3 फीट तक की लंबाई वाले बच्चे फ्री में आनंद ले सकते हैं।
स्थान- मेट्रो वॉक मॉल एंड एडवेंचर आइलैंड, सेक्टर 10, रोहिणी दिल्ली 85। डांडिया नाइट 
राजौरी गार्डन में भी तुम डांडिया का मजा ले सकते हो। साथ में तुम्हें तुम्हारा पसंदीदा गेम, लजीज खाना व गिफ्ट्स भी मिल जाएंगे। यहां शॉपिंग के लिए भी काफी कुछ है, जैसे ज्वेलरी, ड्रेस मैटीरियल आदि।
स्थान- गोल्डन पेरिस, क्वात्रा टेंट हाउस, राजा गार्डन, राजधानी कॉलेज के पास।
समय - 13 अक्तूबर को शाम 7.30 बजे। डांडिया रास
डांस पसंद है क्या तुम्हें.. तो हो जाओ तैयार, इस बार भी नवरात्र के मौके पर राजा गार्डन में हो रहे डांडिया रास में रंग जमाने आ रहे हैं यो यो हनी सिंह और साथ में है गुजराती डांडिया डांस ट्रिप का म्यूजिकल बैंड। यहां पर फूड कोर्ट के साथ टैटू, पपेट शो और भी आकर्षक स्टाल्स होंगे, जो तुम्हारे मजे को दोगुना करेंगे।
तारीख- 13 अक्तूबर,
समय- शाम 7 बजे, वेन्यू- गोल्डन पेरिस, क्वात्रा टेंट, राजा गार्डन, वेव सिनेमा के पास, दिल्ली- 110027 वाओ डांडिया 
यह चौथा साल है ग्रेट इंडिया प्लेस का। यहां हर साल धूम मचाने वाला डांडिया होता है और कुछ स्पेशल भी।
सिंगल एंट्री- दो दिन के लिए 200 रुपये, स्थान- नोएडा, वर्ल्डस ऑफ वंडर [ग्रेट इंडिया प्लेस मॉल], सेक्टर 38 ए, समय- शाम 6 बजे सरिता विहार में डांडिया नाइट 
यहां डांडिया मस्ती के साथ ढेर सारे मजे हैं। डीजे, फूड स्टाल, गेम्स, शॉपिंग स्टाल और साथ में ढेर सारे उपहार भी हैं तुम्हारे लिए।
समय- 12 अक्तूबर, रात 8 बजे, स्थान - सरिता विहार, के एंड एल कम्यूनिटी हॉल। गरबा डांडिया रास 
प्रतिदिन शाम 6 बजे से तुम यहां थिरक सकते हो। यहां डांस की धूम तो होगी ही, साथ में डिनर व फेस्टिवल शॉपिंग भी है। यह 11 अक्तूबर से 13 अक्तूबर तक शाम 6.30 बजे से चलेगा, डांडिया स्टिक भी तुम्हें यहीं मिलेंगे।  
स्थान- द  विलेज, 7 ट्रापिकल ड्राइव, घिटोरनी, महरौली-गुड़गांव रोड, समय- शाम 6 बजे। रामलीला है विशेष आकर्षण
नवरात्र के अंतिम दिन यानी विजयादशमी को रावण दहन काफी रोचक होता है। इस अवसर पर दिल्ली की रामलीलाओं का विशेष आकर्षण होता है। इस बार दिल्ली में रामलीला यहां पर जाकर देख सकते हो तुम। श्री रामलीला कमेटी
मुगल बादशाह बहादुर शाह जफर ने करीब 180 वर्ष पहले अपनी सेना व जनता के लिए इसकी शुरुआत की थी। इस शो की शुरुआत में पहले परेड होती है, जो पुरानी दिल्ली की गलियों जैसे चांदनी चौक, नई सड़क और सीताराम बाजार से होकर रामलीला ग्राउंड में आती है। 
स्थान- रामलीला मैदान, आसफ अली रोड, समय- शाम 6 बजे। श्री धार्मिक लीला कमेटी
यह रामलीला कमेटी की ही एक शाखा है। यह हमेशा से सबकी पसंद रही है, खासकर इसका चाट बाजार। यहां तुम पूरे देश के पॉपुलर स्ट्रीट फूड का आनंद ले सकते हो। हर वर्ष यहां की रामलीला में कुछ ऐसी कहानियों का मंचन होता है, जो लोग कम जानते हैं। 
स्थान- सुभाष मैदान, लाल किले के पास, पुरानी लाजपत राय मार्केट के सामने,
समय- शाम 7 बजे से लव-कुश रामलीला कमेटी
यह कमेटी 1979 में स्थापित की गयी। यहां हमेशा सेलिब्रिटीज को बुलाया जाता है और कुछ आकर्षक मनोरंजन भी होता है। रावण को जलाना भी बिल्कुल हाइटेक इफेक्ट्स के साथ किया जाता है। उसके बाद सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
स्थान- लाल किला मैदान समय- शाम 7 बजे। नव श्री धार्मिक लीला कमेटी
यह 1958 से अस्तित्व में आयी है। आधुनिक तकनीकों से यहां और भी आकर्षक प्रदर्शन होता है। दिल्ली में सबसे लंबे रावण के पुतलों में से एक यहां का माना जाता है। साथ ही यहां का खाना भी लजीज होता है।
स्थान- रेडफोर्ट लॉन, समय- शाम 7 बजे से। श्री राम भारतीय कला केंद्र
यह एक कल्चरल इंस्टीट्यूशन है, जो एक प्रसिद्ध स्कूल के लिए चलता है। यहां संगीत, नृत्य और कला का प्रदर्शन होता है। यह 1957 से हर वर्ष रामलीला नृत्य और ड्रामा का प्रदर्शन करता है। कई कोरियोग्राफर अपने स्टाइल का पुट यहां डालते हैं। इसमें लोकनृत्य तो होता ही है, साथ में सांस्कृतिक भी होता है। सबसे मजे की बात है कि यह शो करीब एक माह तक चलता है, नवरात्र से शुरू होकर दिवाली की शुरुआत यानी धनतेरस के दिन तक। इसकी वेबसाइट पर भी तुम कार्यक्रम को देख सकते हो।
स्थान- श्रीराम भारतीय कला केंद्र थियेटर, 1, कॉपरनिकस मार्ग,
समय- 6.30 से 9 बजे (रात) तक। नवरात्र इसलिए है खास...
नवरात्र के नौ दिनों में माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा की जाती है। इन्हें शक्ति का प्रतीक माना जाता है। इन दिनों में तुम उनकी कहानियां तो सुनोगे ही, साथ में तुम्हें खाने को मजेदार पूरी-हलवा मिलेगा और साथ में तुम गरबा और डांडिया का मजा भी आराम से ले सकते हो, मतलब यह कि पूरा धूम-धड़ाका। और हां, ड्रेस मत भूलना यानी लड़कों के लिए कुर्ता-पायजामा और लड़कियों के लिए रंगीन लहंगा-चुन्नी। शनिवार और रविवार को कई घरों में कन्या-पूजन भी तो होगा, जिसमें खूब सारा भोजन और पैसे-उपहार भी मिलेंगे। तो देर किस बात की है, हो जाओ तैयार मस्ती और धूम के लिए। आया कहां से डांडिया
यूं तो गरबा व डांडिया गुजरात के लोकनृत्य हैं, लेकिन ये धीरे-धीरे हर जगह अपने पैर पसारने लगे हैं। डांडिया लोकनृत्य वृंदावन से आया है, जिसमें होली और कृष्ण व राधा की लीला को दिखाया जाता है। वैसे यह नृत्य गुजरात के गरबा नृत्य से ही प्रेरित है। गरबा के द्वारा मां दुर्गा की आराधना की जाती है। इसमें महिषासुर का मां दुर्गा ने कैसे वध किया, यह दिखाया जाता है। गजब के हैं ये डांस
इनमें हाथों व पैरों का गजब तालमेल दिखाया जाता है। डांडिया में प्रयोग हुए डंडों को मां की तलवार के रूप में दिखाया जाता है। लोग इसमें पारंपरिक वस्त्र यानी लडम्कियां लहंगा-चुन्नी और लड़के कुर्ता पहनते हैं और साथ में पगड़ी भी। माता की पूजा में आरती के ठीक पहले गरबा और फिर डांडिया के द्वारा आराधना की जाती है। डांडिया में कभी-कभी लोग रंगबिरंगे डंडों की जगह तलवारों का उपयोग भी करते हैं। ये करो इस बार तुम
अगर कहीं जाकर डांडिया करने का मन नहीं तो घर पर ही अपने दोस्तों को भेजो बुलावा और मनाओ डांडिया पार्टी। डांडिया पार्टी है तो म्यूजिक का इंतजाम तो होना ही चाहिए न। इसके लिए 2 म्यूजिक सीडी काफी होंगी। फाल्गुनी पाठक की टेप ट्राई कर सकते हो और ‘आती क्या डांडिया में- नॉन स्टॉप डिस्को डांडिया टेप’। तुम्हारे प्यार भरे निमंत्रण को कोई ठुकरा ही न पाए, ऐसे कार्डस बनाओ। रंगीन चार्ट पेपर की कटिंग्स करो और प्रत्येक के चारों ओर मौली के लाल धागे से किनारा बना डालो। साथ ही कार्ड के कोने में कुछ पीले और नारंगी रंगों के डॉट्स डाल दो। इसके अलावा सुंदर सा ओम का साइन भी बना दो। अब सुनहरे रंग के स्केच से लिख दो अपने प्रोग्राम का समय और पता। कुछ गेम भी रखो अपनी पार्टी में। पार्टी हॉल में गद्दों पर कुछ तबला भी रखवा दो। इससे दोस्त खुश हो जाएंगे। अगर तुम्हारे पास हारमोनियम या दूसरे वाद्य यंत्र हैं तो वो भी रखो।

फैलिन: 215 किमी प्रति घंटे की होगी हवाओं की रफ्तार...

Image Loadingपूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर भीषण चक्रवाती तूफान फैलिन आज और अधिक तीव्र हो गया और यह कल कम से कम 215 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं के साथ ओडिशा में गोपालपुर के नजदीक पहुंच सकता है।
  
भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने अपने नवीनतम बुलेटिन में कहा कि पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी के उपर अत्यंत भीषण चक्रवाती तूफान फैलिन 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ा और पारादीप के 520 किलोमीटर दक्षिण, दक्षिणपूर्व, गोपालपुर से 530 और कलिंगपटटनम के 530 किलोमीटर पूर्व-दक्षिण पूर्व में केंद्रित हो गया।
  
आईएमडी ने कहा कि यह उत्तर पश्चिम दिशा की तरफ बढ़ेगा और कलिंगपट्टनम तथा पारादीप के बीच, गोपालपुर ओडिशा के नजदीक 12 अक्टूबर की शाम तक उत्तरी आंध्र प्रदेश और ओडिशा को पार करेगा। आईएमडी को कल रात तक उम्मीद थी कि शनिवार को चक्रवात के पहुंचने तक हवाओं की गति 185 किलोमीटर प्रति घंटे के दायरे तक सीमित रहेगी।
  
इसने अब अपने नवीनतम बुलेटिन में कहा है कि फैलिन बढ़ी तीव्रता के साथ अधिकतम 205 से लेकर 215 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से टकराएगा। इसी तरह, आईएमडी ने कल गंजम, खुर्दा, पुरी और जगतसिंहपुर जिलों में तटीय इलाके में तूफान के चलते 1.5 से 2 मीटर तक की समुद्री लहरें उठने का पूर्वानुमान व्यक्त किया था, लेकिन आज इसने कहा कि लहरों की उंचाई करीब 2 से 2.5 मीटर तक होगी। इससे ओडिशा में गंजम, खुर्दा, पुरी और जगतसिंहपुर में निचले इलाके जलमग्न हो जाएंगे।
  
फैलिन के प्रभाव के चलते ओडिशा तट पर आज सुबह 45-55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाएं पहले ही पहुंचनी शुरू हो गईं। आईएमडी ने कहा कि चक्रवात के पहुंचने के समय दक्षिणी ओडिशा के तटीय और अपतटीय जिलों में हवाओं की रफ्तार 205 से 215 किलोमीटर प्रति घंटे की होगी।
  
इस बीच, चिंतित राज्य सरकार ने कई स्तरों पर बैठक की और बदली हुई परिस्थितियों में स्थिति का जायजा लिया। राज्य सरकार जिलाधिकारियों से पहले ही समुद्र के नजदीक स्थित निचले इलाकों से लोगों को निकालने को कह चुकी है।
  
विशेष राहत आयुक्त पीके महापात्र ने कहा कि हमने आदेश दिए हैं कि किसी को भी घास फूस से बने और कमजोर मकानों में रूके रहने की अनुमति नहीं दी जाए।