Monday, 12 August 2013

जी भरकर खाइए और बिल के बदले केवल आशीर्वाद दे जाइए

North indiaऊना। उत्तर भारत के प्रसिद्ध शक्तिपीठ चिंतपूर्णी मंदिर से करीब छह किलोमीटर दूर अलोह में एक मोहित पंजाबी ढाबा खुला है। इस ढाबे की खासियत यह है कि यहां आप जो मर्जी और जितना मर्जी खाएं, आपसे उसका बिल नहीं बल्कि आशीर्वाद मांगा जाएगा। सात अगस्त से शुरू हुए सावन अष्टमी मेले के दौरान यह ढाबा खोला गया है। मेला 15 अगस्त तक चलेगा।
यूं तो मेलों के दौरान कई लोग और संस्थाएं लंगर लगाती हैं। इस बार भी चिंतपूर्णी मेले के दौरान करीब 400 लंगर लगे हैं। यदि आपको बाल कटवाने हैं, शेव करवानी है, गाड़ी ठीक करवानी है, चाय पीनी है, पकौड़े खाने है, दवाई लेनी है तो ये सब कुछ मुफ्त में हो जाएगा, क्योंकि इसके लिए चिंतपूर्णी मार्ग पर लंगर लगे हैं।
खाने-पीने के लंगरों में एक समस्या यह है कि आपको वहां वही कुछ मिलेगा, जिस वस्तु का लंगर लगेगा। इसके विपरीत मोहित ढाबे की खासियत यह है कि वहां जाएं तो आपको मेन्यू कार्ड मिलेगा। मेन्यू कार्ड में लिखे किसी भी खाद्य पदार्थ जैसे चीज चिली, मंचूरियन, मशरूम मटर, पनीर पकौड़ा या किसी शीतल पेय का आप ऑर्डर दे सकते हैं। खाने-पीने के बाद बिल देने के लिए पर्स निकालने की जरूरत नहीं है। आप बस इतना करें कि ढाबे से जाते समय लंगर लगाने वालों को आशीर्वाद देते जाएं।
मेलों के दौरान मोहित ढाबा दिन-रात खुला रहेगा। होशियारपुर से चिंतपूर्णी के शीतला मंदिर तक के 60 किलोमीटर सफर में लगभग हर तीसरे मोड़ पर मां के भक्तों की आवभगत के लिए किसी न किसी धार्मिक संस्था के प्रतिनिधि तत्पर दिख रहे हैं।
भरवाई से चिंतपूर्णी के मुख्य मार्ग पर कई धार्मिक संस्थाओं की ओर से शीतल पेय व मिनरल वाटर मुफ्त बांटा जा रहा है। पंजाब के विभिन्न शहरों से चिंतपूर्णी तक श्रद्धालुओं को पहुंचाने के लिए मुफ्त बस सेवा का भी प्रावधान है मगर श्रद्धाभाव का जैसा नजारा मोहित ढाबे पर है, वैसा कहीं नहीं दिखा।

Saturday, 10 August 2013

सारा खान की कार डिवाइडर से टकराई, 6 जख्मी

TV Actress Sara Khan
टीवी ऐक्ट्रेस सारा खान की कार शुक्रवार रात डिवाइडर से टकरा गई और उसमें बैठे 6 लोगों को हल्की चोटें आई हैं। गौरतलब है कि सारा अपने दोस्त की बर्थ डे पार्टी के बाद अपनी कार से दोस्तों के साथ घर लौट रही थीं, तभी ये हादसा हुआ।

गौरतलब है, सारा की कार उनका ही एक दोस्त चला रहा था। जैसे ही कार मेगा मॉल, ओशिवारा के पास पहुंची, कार चलाने वाले का नियंत्रण गड़बड़ा गया और कार एक डिवाइडर से टकराने के बाद पलट गई। उस वक्त कार में सारा सहित उनके पांच दोस्त और बैठे थे। अच्छी बात यह है कि किसी को भी ज्यादा चोटें नहीं आई हैं। पास ही खड़ी पुलिस वैन ने सभी को कार से बाहर निकाला और उन्हें पूछताछ करने के लिए पुलिस स्टेशन ले गई। सूत्रों की मानें, तो एक बहुत बड़ी दुर्घटना होते-होते टल गई। पुलिस ने क्रेन की मदद से कार को रास्ते से हटाया।

पुलिस के मुताबिक, कार चलाने वाले लड़के ने शराब पी रखी थी या नहीं, यह पता करने के लिए पुलिस सभी को पुलिस स्टेशन ले गई। कहा तो यह भी जा रहा है कि कार की स्पीड बहुत ज्यादा थी, इसी कारण कार का नियंत्रण गड़बड़ा गया और वह डिवाइडर से टकरा गई।

सूत्रों के मुताबिक, सारा और उनके दोस्त टीवी ऐक्ट्रेस प्रत्युषा बनर्जी की बर्थ डे पार्टी से लौट रहे थे, तभी यह हादसा हुआ और इस हादसे की खबर मिलते ही प्रत्युषा और उनके बाकी दोस्त उन सभी से मिलने पहुंच गए।

सिंधू ने किया बड़ा उलटफेर, साइना भी विश्व चैंपियनशिप के क्वार्टरफाइनल में

सिंधू ने किया बड़ा उलटफेर, साइना भी विश्व चैंपियनशिप के क्वार्टरफाइनल मेंग्वांगझू। भारत की पीवी सिंधु और पी. कश्यप ने विश्व बैडमिंटन चैंपियनशिप में अपने से ज्यादा वरीय खिलाड़ियों को हराकर उलटफेर किया। जबकि पदक की प्रबल दावेदार साइना नेहवाल को प्री क्वार्टर फाइनल मुकाबला जीतने में 52 मिनट तक संघर्ष करना पड़ा।
तीनों सितारों ने प्रतियोगिता के क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली।
 
12वीं सीड सिंधु ने दूसरी सीड और ओलिंपिक की रजत पदक विजेता चीन की वांग यिहान को लगातार गेमों में 21-18, 23-21से पराजित किया जबकि 13 वीं वरीय कश्यप ने छठवीं वरीयता प्राप्त हांगकांग के युन हू को मात्र 37 मिनट में 21-13,21-16  से मात दी।
 
बारहवीं वरीयता प्राप्त सिंधु ने चीनी खिलाड़ी यिहान को सिर्फ 55 मिनट में पराजित किया। सिंधु इस वर्ष सुदीरमन कप में चीनी खिलाड़ी यिहान से पराजित हुई थी। सिंधु ने पहले गेम में 16-16  की बराबरी के बाद 18-16 की बढ़त बनाई और यह गेम 21-18 पर समाप्त किया।
 
वांग ने दूसरे गेम में पिछड़ने के बाद वापसी करते हुए 20-20 से बराबरी हासिल की और फिर 21-20 की बढ़त बना ली। सिंधु ने इसके बाद लगातार तीन अंक लेकर गेम और मैच समाप्त कर दिया। सिंधु का क्वार्टर फाइनल में सातवीं सीड चीन की शिजियान वांग से मुकाबला होगा।
 
विश्व की तीसरे नंबर की खिलाड़ी भारतकी साइना नेहवाल ने 15 वीं सीड थाईलैंड की पोर्नटिपबुरानाप्रासर्तसुक को कड़े संघर्ष में 18-21, 21-16 और 21-14 से हराया। 
 
तीसरी सीड सायना को अपने से कहीं निचली वाली रैंकिंग पोर्नटिप के खिलाफ 52 मिनट तक संघर्ष करना पड़ा। साइना ने पहला गेम करीबी मुकाबले में 18-21 से हारने के बाद जबर्दस्त वापसी करते हुए अगले दोनों गेम जीतकर अंतिम आठ का टिकट कटा लिया। 
 
भारतीय खिलाड़ी ने इस तरह विश्व रैंकिंग  में 18 वें नंबर की थाई खिलाड़ी के खिलाफ अपने शत प्रतिशत जीत का रिकार्ड बरकरार रखा। साइना की पोर्नटिप पर यह छठी जीत है।
 
साइना चौथी बार विश्व चैंपियनशिप के क्वार्टरफाइनल में पहुंची हैं लेकिन वह अब तक इस दौर से आगे नहीं पहुंच पाई हैं। माना जा रहा है कि इस बार साइना इस प्रेतबाधा से पार पार करने में सफल रहेंगी।
 
हैदराबाद की साइना का क्वार्टरफाइनल में जापान की सयाका ताकाहाशी और दक्षिण कोरिया की यिओन जू बेई के बीच होने वाले मैच की विजेता से मुकाबला होगा। 
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कमाल ने धनुष को कहा 'जमादार', हुमा कुरैशी से सरेआम की थी सेक्स की डिमांड

कमाल ने धनुष को कहा 'जमादार', हुमा कुरैशी से सरेआम की थी सेक्स की डिमांड
कमाल राशिद खान एक ऐसा नाम है, जो पिछले कुछ समय से मीडिया में छाया हुआ है। बॉलीवुड सेलेब्रिटीज पर ऊल-जुलूल कमेंट्स और आपत्तिजनक ट्वीट्स करने के कारण कमाल आए दिन सुर्खियों में रहते हैं। बॉलीवुड सेलेब्स तो कमाल से इतना ज़्यादा परेशान र
हते हैं कि कई बार उन्हें बॉलीवुड कम्युनिटी से बेदखल करने की धमकी भी दी जाती हैं। लेकिन कमाल बेशर्म हैं और अपनी हरकतों से बाज नहीं आते। 
 
हाल ही में रिलीज हुई आनंद राय निर्देशित 'रांझणा' के रिव्यू वीडियो में कमाल ने आपत्तिजनक टिप्पणी कर दी थी। इस बार उनके निशाने पर थे साउथ स्टार धनुष। 
 
धनुष ने 'रांझणा' से बॉलीवुड में डेब्यू किया है। इस फिल्म में उनके साथ सोनम कपूर ने अभिनय किया है। 
 
अपने रिव्यू में कमाल ने कहा था, "सर, मैं नहीं जानता कि आप यूपी के हैं या नहीं। लेकिन मैं यूपी का हूं। यूपी में आपको धनुष की शक्ल जैसे ***** और जमादार तो दिख जाएंगे, लेकिन उनके जैसा गंदा दिखने वाला एक भी ब्राह्मण नहीं मिलेगा।"
 
इस आपत्तिजनक टिप्पणी के कारण कमाल ख़ान मुश्किलों में फंस चुके हैं। डॉक्टर भीमराव अंबेडकर विचार मंच ने कमाल की जातिवादी टिप्पणी का विरोध करते हुए उनके खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई है। कमाल के खिलाफ उत्तरी-पूर्वी दिल्ली के सीमापुरी पुलिस स्टेशन में आईटी एक्ट की धारा 66A के तहत मामला दर्ज करवाया गया है। इस मामले में कमाल को गिरफ्तार भी किया जा सकता है।

..तो इसलिए नागपंचमी पर बरसाते हैं पत्थर

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देश में 'नाग पंचमी' का त्योहार 'नाग देवता' की पूजा-अर्चना कर मनाया जाता है। देश के कुछ हिस्से जरूर इसके अपवाद हैं। ऐसा ही अपवाद हैं पूर्वाचल के चंदौली जिले के दो गांव। इन गांवों के लोग इस त्योहार को एक-दूसरे को कंकड़-पत्थर और कीचड़ मारकर मनाते हैं। इन ग्रामीणों का मानना है कि इस प्राचीन परंपरा के निर्वहन से गांव में कोई बीमारी या 'अनिष्ट' नहीं होता है।
देश के सभी हिस्सों में त्योहारों को मनाने के अलग-अलग तौर-तरीके होते हैं और उनसे जुड़ी मान्यताएं भी हैं। अब 'नाग पंचमी' को ही ले लीजिए। आमतौर पर हर जगह यह त्योहार 'नाग देवता' की पूजा-अर्चना करने के बाद उन्हें दूध पिलाकर मनाया जाता है। लेकिन पूर्वाचल के गांव महुआरी व विशुपुर के बाशिंदे इस दिन शाम को गंगा नदी के तट पर पहुंच एक-दूसरे पर कंकड़-पत्थर और कीचड़ बरसाते हैं। यह सिलसिला इतने पर ही खत्म नहीं हो जाता बल्कि तौहीनी भाषा बोलकर एक-दूसरे को शर्मिदा भी किया जाता हैं। हालांकि, बाद में सभी गले मिलकर बधाई देते हैं और कजरी व सावनी गीत का आनंद उठाते हैं। महुआरी गांव के बुजुर्ग सुंदर सिंह ने बताया, ''दोनों गांवों की यह सदियों पुरानी परंपरा है। किंवदंती है कि इस परंपरा को न निभाने पर लोगों का अमन चैन छिन जाता है और घोर 'अनिष्ट' होता है।'' विशुपुर गांव के बुजुर्ग केदार सिंह ने कहा, ''कंकड़-पत्थर और कीचड़ मारने के बाद सामाजिक भाईचारा व आपसी प्रेम को प्रदर्शित किया जाता है।'' वह बताते हैं कि दो दशक पूर्व एक घटना के चलते हुए तनाव को लेकर दोनों गांवों के लोगों ने इस परंपरा को नहीं निभाया था। जिसके बाद दोनों गांवों में महामारी फैल गई थी। इन बुजुर्गों की बात से इसी गांव के स्नातक पास युवक धर्मेंद्र सिंह सहमत नहीं हैं। परंपरा को गलत ठहराते हुए उन्होंने कहा, ''बुजुर्ग रूढ़िवादी परंपराओं को ज्यादा अंगीकार करते हैं जबकि यह किसी अंधविश्वास से कम नहीं है।'' वह कहते हैं कि भला एक-दूसरे को पत्थर मारने से दैवीय आपदाएं कैसे रुक सकती हैं? कुल मिलाकर तीज-त्योहार मनाने के रीति-रिवाज कुछ भी हों, पर ऐसी परंपरा को कम से कम युवा पीढ़ी तो अंधविश्वास ही मान रही है।

रहेंगे चुस्त अगर करेंगे नियमित व्यायाम

Image Loadingआज की व्यस्त शहरी दिनचर्या में, खासकर काम काजी लोग व्यायाम पर ध्यान नहीं दे पाते, जिस कारण उन्हें हड्डियों से संबंधित दर्द और तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है। थकावट और आलस्य का अनुभव इसी की प्रारम्भिक अवस्था है। इससे कैसे बचे रह सकते हैं, बता रहे हैं मूलचंद ऑथरेपेडिक्स हॉस्पिटल के सलाहकार डॉ. संजय गुप्ता
इन दिनों खासकर शहरी युवाओं में सेहत से संबंधित तरह-तरह की समस्याएं देखने को मिल रही हैं। डॉक्टरों की मानें तो इसकी वजह है युवाओं में बढ़ता मोटापा, खानपान का असंतुलन और दिनचर्या से गायब होता व्यायाम। ये तीन ऐसे कारण हैं, जो उनके शरीर के विभिन्न अंगों की हड्डियों में रोगों को जन्म दे रहे हैं। इन्हीं के कारण जोडमें में फासला बढ़ने से रीढ़ समेत कई अंगों की हड्डियों में दर्द पैदा हो रहा है। हड्डियों को जानना है जरूरी
हमारी हड्डियां कैल्शियम के अलावा कई तरह के मिनरल से मिल कर बनी होती हैं। अनियमित जीवनशैली की वजह से ये मिनरल खत्म होने लगते हैं और हड्डियों का घनत्व कम होने लगता है। धीरे-धीरे उनके घिसने और कमजोर होने की रफ्तार तेज हो जाती है। इस कारण ऐसा व्यक्ति अपने रोजमर्रा के काम करने में असमर्थ होता जाता है। हड्डियां इतनी कमजोर हो जाती हैं कि मामूली चोट पर भी फ्रैक्चर की स्थिति आ जाती है। हड्डी कैसे होती है बीमार
हड्डी से जुड़ी समस्याएं, जो पहले वृद्धावस्था में हुआ करती थीं, अब कॉरपोरेट परिवेश और कंप्यूटर पर लगातार निर्भरता के कारण युवा पीढ़ी में भी बढ़ती जा रही हैं। इन दिनों 20 से 35 उम्र के युवा भी इसकी चपेट में खूब आ रहे हैं। व्यायाम न करने से शरीर कैल्शियम नहीं सोक पता, जिस कारण हड्डी और मांसपेशियां कमजोर हो जाती हैं। इससे फ्रैक्चर, जोड़ों की हड्डियों में फासला बढ़ना, छोटी उम्र में जोड़ों में डीजेनेरेटिव बदलाव आना, ज्वॉइंट्स में टूट-फूट, डिस्क प्रोलेप्स, डिस्क का खिसकना, रीढ़ समेत किसी भी अंग की हड्डी में दर्द पैदा होना आदि प्रमुख हैं। जिम कहीं न बन जाए दर्द का सबब
अगर आप यह मान कर आश्वस्त हो जाते हैं कि जिम जाना सेहत के लिए फायदेमंद रहेगा तो सावधान हो जाएं, क्योंकि बिना अच्छे प्रशिक्षक के मार्गदर्शन के व्यायाम करना दर्द का सबब बन सकता है। कितना व्यायाम जरूरी है, वह आपके शारीरिक ढांचे पर निर्भर करता है। इसलिए अपनी शारीरिक क्षमताओं को पहचानें और हल्के-फुल्के व्यायाम पर ही ज्यादा जोर दें। रोजाना स्ट्रेचिंग करें, पर ध्यान रहे कि मसल्स बहुत ज्यादा न खिंचें। हफ्ते में कम-से-कम चार-पांच दिन सुबह में 4 किलोमीटर पैदल चलें। कंप्यूटर पर काम करते हुए
कंप्यूटर पर काम करते वक्त कुर्सी की ऊंचाई इतनी रखें कि स्क्रीन पर देखने के लिए झुकना न पड़े और न ही गर्दन को जबरन ऊपर उठाना पड़े। कुहनी और हाथ कुर्सी पर रखें। इससे कंधे रिलेक्स रहेंगे। कुर्सी ऐसी हो, जो लोअर बैक को सपोर्ट करे। पैरों के नीचे सपोर्ट के लिए छोटा स्टूल या चौकी रखें। किसी भी पॉजिशन में 30 मिनट से ज्यादा लगातार न बैठें। बैठ कर काम करते हुए या पढ़ते हुए हर घंटे के बाद पांच मिनट का ब्रेक लेना जरूरी है। अगर आप दो घंटे पर भी ब्रेक नहीं लेते हैं तो अपने शरीर के साथ ज्यादती कर रहे हैं। सिटिंग पॉश्चर का ध्यान रखें। कुर्सी के पीछे तक बैठें। खुद को ऊपर की तरफ तानें और कमर के कर्व को जितना मुमकिन हो, उभारें। कुछ सेकेंड के लिए रोकें। अब पोजिशन को थोडम रिलेक्स करें। यह अच्छा सिटिंग पॉश्चर होगा। शरीर का भार दोनों हिप्स पर बराबर बनाए रखें। रोजाना गर्दन का व्यायाम भी जरूर करें, इससे कई बीमारियों से दूर रहेंगे।  आप ड्राइव कर रहे हैं तो ध्यान रखें
घुटने हिप्स के बराबर या थोड़े ऊंचे हों।
सीट को स्टेयरिंग के पास रखें, ताकि पीछे के कर्व को सपोर्ट मिल सके।
कमर के नीचे वाले हिस्से में सपोर्ट के लिए छोटा तौलिया या लंबर रोल रखें।
इतना लेग-बूट स्पेस जरूर हो, जिसमें आराम से घुटने मुड़ सकें और पैर पैडल तक आराम से पहुंच सकें। सोने का तरीका ऐसा हो
कभी भी बेड से सीधे न उठें। पहले साइड में करवट लें, फिर बैठें, उसके बाद उठें।
ऐसी पोजिशन में सोने की कोशिश करें, जिसमें आपकी बैक का प्राकृतिक कर्व बना रहे। पीठ के बल सोएं तो घुटनों के नीचे पतला तकिया या हल्का तौलिया रख लें। जिनकी कमर में दर्द है, वे जरूर ऐसा करें।
घुटनों को हल्का मोड़ कर साइड से भी सो सकते हैं, लेकिन घुटने इतने न मोड़ें कि वे सीने से लग जाएं।
पेट के बल सोने से बचना चाहिए। इसका असर पाचन पर पड़ता है। कमर में दर्द की आशंका भी बढ़ती है। कमर दर्द है तो पेट के बल बिल्कुल नहीं सोना चाहिए।

बराक ओबामा ने कहा, कोई देशभक्त नहीं है स्नोडेन

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Brak obama
वॉशिंगटन, एक अमेरिकी सांसद द्वारा सीआईए के पूर्व अनुबंधकर्ता एडवर्ड स्नोडेन की तुलना महात्मा गांधी से किए जाने के कुछ दिन बाद अमेरिकी राष्ट्रपति बरा क ओबामा ने कहा कि इंटरनेट और फोनों पर निगरानी रखने वाले गोपनीय कार्यक्रमों को दुनिया के सामने उजागर कर देने वाला स्नोडेन कोई देशभक्त नहीं है।
व्हाइट हाउस में संवाददाता सम्मेलन के दौरान ओबामा ने कहा कि मुझे नहीं लगता कि स्नोडेन कोई देशभक्त था। एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि सच्चाई यह है कि स्नोडेन पर धोखाधड़ी के तीन आरोप लगाए गए हैं, अगर उसे वास्तव में लगता है कि वह सही है तो, हर आम अमेरिकी नागरिक की तरह वह यहां आ सकता है, अपने वकील के साथ अदालत के समक्ष पेश हो सकता है और अपना पक्ष रख सकता है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि अगर किसी को इस बात की चिंता है कि जनता तक सूचनाएं पहुंचाने का यही एकमात्र रास्ता है तो मैंने स्नोडेन द्वारा सूचनाएं उजागर करने से पहले ही खुफिया समुदाय को व्हिसल ब्लोअर सुरक्षा देने संबंधी एक कार्यकारी आदेश पर दस्तखत कर दिए थे। ओबामा ने कहा अमेरिकी लोगों और पूरी दुनिया में एक ऐसा प्रभाव बन गया है मानो हम हर किसी के बारे में बस सूचनाएं ही एकत्र करने में लगे हैं और इसमें हमें बहुत मजा आ रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसा नहीं है। हमारे कानून हमें बिना किसी वारंट के अमेरिकी लोगों की निगरानी करने से रोकते हैं। मूलभूत सिद्धांतों का पालन सुनिश्चित करने के लिए पर्याप्त सुरक्षा प्रणालियां रखी गई हैं। इससे पहले ओबामा की डेमोक्रेटिक पार्टी के वरिष्ठ सांसद जॉन लुईस ने स्नोडेन की तुलना महात्मा गांधी से करते हुए कहा था कि यह विवादित व्हिसल ब्लोअर अहिंसक रूप से सविनय अवज्ञा कर रहा है। वहीं, ओबामा अगले साल रूस के सोची में आयोजित होने वाले शीतकालीन ओलंपिक खेलों का बहिष्कार करने के पक्ष में नहीं हैं। रूस में समलैंगिक विरोधी कानून हैं और ओबामा चाहते हैं कि अमेरिकी समलैंगिक एथलीट वहां पदक जीतें, जिससे रूस को एक संदेश देने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि मुझे पता है कि ओलंपिक को लेकर हमारी नीति से जुड़े सवाल उठ रहे हैं। मैं यह बात स्पष्ट करना चाहता हूं कि मुझे नहीं लगता है कि ओलंपिक का बहिष्कार करना सही होगा। उन्होंने कहा कि हमारे एथलीट कड़ी मेहनत कर रहे हैं और सफलता के लिए हरसंभव प्रयास कर रहे हैं। ओबामा ने कहा कि रूस के समलैंगिक विरोधी कानूनों से मुझमें बहुत नाराजगी है, लेकिन मैंने जैसा इस हफ्ते कहा कि मैंने यह बात ना केवल रूस के लिए बल्कि उन सभी देशों के लिए कही है जिनके साथ हम काम कर रहे हैं, लेकिन इस मुद्दे पर हमारे बीच गहरी असहमति है।