Thursday, 2 January 2014

सबसे महंगी किताब!

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एक बिल्कुल ही गुमनाम और फटी-पुरानी किताब, जिसमें शब्दों की ढेरों गलतियां रही हों, वह आज सबसे महंगी किताब बन गई है। बीते 26 नवंबर को अमेरिका के रहने वाले समाजैसेवी डेविड रुबंस्टीन ने ‘द होल बुक ऑफ सॉम’ नाम की इस किताब की एक प्रति को पाने के लिए 14.2 लाख डॉलर खर्च किए। इस किताब को ‘द बे सॉम बुक’ के नाम से भी जाना जाता है।
वर्ष 1640 में छपी इस किताब में वर्ष 1620 में तीर्थयात्रियों द्वारा मैसाचुसेट्स में खोजे गए एक छोटे से शहर प्लामाउथ की कहानी है, जिसमें 102 यात्री दुनिया की यात्रा पर निकलते हैं। इस किताब की कुल 1700 छपी वास्तविक प्रतियों में से सिर्फ 11 प्रति ही अब बाकी बची हैं। यह किताब तब इसलिए भी खास बन जाती है कि सौ सालों में बिकने के लिए इसकी एक ही प्रति सामने आई है। वर्ष 1947 में येल यूनिवर्सिटी में एक नीलामी में इस किताब को खरीदा गया था, जिसके लिए 1,51,000 अमेरिकी डॉलर दिए गए थे। हालांकि 66 साल पहले इस किताब को खरीदने के लिए चुकाई गई राशि किसी भी किताब को खरीदने के लिए दी गई राशि का एक रिकॉर्ड थी। हाल में बोस्टन के ओल्ड साउथ चर्च ने इसकी एक प्रति बेचने का फैसला किया, ताकि धार्मिक कार्यो के लिए धन इकट्ठा किया जा सके। इसके लिए पादरी समुदाय के सदस्यों ने इसकी कीमत 20-30 लाख डॉलर मिलने की उम्मीद लगाई थी। कैम्ब्रिज के एक छोटे से घर में छपी किताब ‘दे बे सॉम बुक’ यहूदी से अंग्रेजी में अनुवादित है। इसमें शब्दों की टाइपिंग संबंधी ढेरों गलतियां हैं। हालांकि प्रकाशक ने इन गलतियों को अपनी इस किताब में स्वीकारा भी है। तुम्हें जानकर शायद आश्चर्य न हो कि 17वीं शताब्दी में इस किताब को 9 बार फिर से छापना पड़ा था। हालांकि किताब में इस तरह की गलतियों ने अमेरिकी अरबपति डेविड रुबंस्टीन को निराश नहीं किया, जिन्होंने इस किताब की नीलामी में ऑस्ट्रेलिया से फोन पर बोली लगाई। डेविड इससे पहले भी 800 साल पुरानी छपी किताब वर्ष 2007 में  21.3 लाख अमेरिकी डॉलर में खरीद चुके हैं।

दीपिका कुमारी किस खेल में नेशनल चैम्पियन हैं?

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1. टेस्ट मैचों में सचिन तेंदुलकर के बाद सबसे ज्यादा सेंचुरी किस बल्लेबाज ने बनाई हैं?
ए. राहुल द्रविड़
बी. रिकी पोंटिंग
सी. जैक्स कालिस
डी. सुनील गावस्कर
2. झारखंड की दीपिका कुमारी किस खेल में नेशनल चैम्पियन हैं?
ए. तीरंदाजी (आर्चरी)
बी. निशानेबाजी (शूटिंग)
सी. बैडमिंटन
डी. टेबल टेनिस 3.  हमारी पृथ्वी जिस सौरमंडल (सोलर सिस्टम) का अंग है, वह किस आकाशगंगा (गैलेक्सी) का हिस्सा है?
ए. मिल्की वे
बी. कार्टव्हील गैलेक्सी
सी. सिगार गैलेक्सी
डी. पिनव्हील गैलेक्सी 4. इनमें से कौन-सा ग्रह सूर्य के सबसे ज्यादा नजदीक है?
ए. मंगल (मार्स)
बी. शुक्र (वीनस)
सी. पृथ्वी (अर्थ)
डी. बुध (मर्करी) 5. इनमें से कौन-सा वृक्ष भारत का राष्ट्रीय वृक्ष (नेशनल ट्री) है?
ए. आम का वृक्ष
बी. अशोक का वृक्ष
सी. बरगद का वृक्ष (बैन्यन ट्री)
डी. पीपल का वृक्ष 6. मानवाधिकार दिवस (ह्यूमन राइट्स डे) किस तारीख को मनाया जाता है?
ए. 1 दिसंबर
बी. 10 दिसंबर
सी. 21 दिसंबर
डी. 30 दिसंबर 7. केन्या देश की राजधानी का नाम क्या है?
ए. हरारे
बी. नैरोबी
सी. लिस्बन
डी. प्राग 8. यूरोपीय यूनियन के देश इनमें से किस मुद्रा (करंसी) का प्रयोग करते हैं?
ए. डॉलर
बी. दीनार
सी. यूरो
डी. रैंड 9. विश्वप्रसिद्ध ऐतिहासिक स्थल (टूरिस्ट प्लेस) सारनाथ भारत के किस राज्य में स्थित है?
ए. उत्तर प्रदेश
बी. बिहार
सी. महाराष्ट्र
डी. मध्यप्रदेश 10. इनमें से कौन विश्वविख्यात (वर्ल्ड फेमस) शहनाई वादक हैं, जिन्हें देश का सबसे बड़ा नागरिक सम्मान ‘भारत रत्न’ भी दिया गया?
ए. पंडित भीमसेन जोशी
बी. एम.एस. सुब्बलक्ष्मी
सी. उस्ताद अल्लारक्खा खां
डी. उस्ताद बिस्मिल्लाह खां 11. 2011 का कोपा अमेरिका कप किस देश ने जीता है?
ए. ब्राजील
बी. अर्जेंटीना
सी. पेराग्वे
डी. उरुग्वे 12. ओलम्पिक में हॉकी का पहला गोल्ड मेडल किस देश ने जीता था?
ए. भारत
बी. ग्रेट ब्रिटेन
सी. ऑस्ट्रेलिया
डी. नीदरलैंड्स 13. उबेर कप किस खेल से संबंधित है?
ए. टेबल टेनिस
बी. टेनिस
सी. फुटबॉल
डी. बैडमिंटन        उत्तर: 1 (सी), 2 (ए), 3 (ए), 4 (डी), 5 (सी), 6 (बी), 7 (बी), 8 (सी), 9 (ए), 10 (डी), 11. (डी), 12. (बी), 13. (डी)

रिमी का बाल बैंड

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पांच साल की नन्ही सी रिमी बहुत शरारती थी और होती भी क्यों ना? भला बिना शरारत क्या बचपन और कैसा बच्चा? रिमी की मां रोली टीचर थीं। उनके घर में खूब पत्र-पत्रिकाएं आती थीं। कभी-कभी रिमी शरारत करते हुए पुरानी पत्रिकाओं को अपने इर्द-गिर्द फैलाकर बैठ जाती और फिर मोटे-मोटे अक्षरों को अपनी रफ कॉपी में लिखकर शाम को अपनी मम्मी को दिखाती। उसकी मां रोली रिमी की तीव्र बुद्धि देखकर दंग रह जातीं। रिमी बड़े-बड़े वाक्यों को हुबहू कॉपी में उतारकर मां के पास ले जाती और कहती, ‘मां पढ़ो तो। भला मैंने क्या लिख दिया?’ उसकी भोली बात पर रोली मुस्कराती। नन्ही रिमी का ‘भला’ तकियाकलाम बन गया था।
एक दिन रिमी की मां रोली तैयार होकर स्कूल के लिए निकल रही थीं। उस दिन रिमी की छुट्टी थी। रिमी ने रोली को लिपस्टिक लगाते हुए देखकर कहा, ‘मम्मी भला एक बात तो बताओ।’ रोली समझ गईं कि रिमी की प्रश्नों की टेप शुरू हो गई।
वह बोलीं, ‘बोलो, भला क्या बात बताऊं?’ इस पर रिमी बोली, ‘मम्मी जब आप बूढ़ी हो जाओगी, तब भी लिपस्टिक लगाओगी।’ रिमी के मासूम सवाल पर रोली ऐसे हंसी कि लिपस्टिक उसके हाथ से फिसलकर गाल पर लगते हुए रिमी की गोद में जा गिरी। रोली ने रिमी को ढेर सा प्यार किया और बोली, ‘बेटा, भला ऐसा कौन कहता है कि बूढ़े लोग लिपस्टिक नहीं लगा सकते।’ मम्मी के जवाब पर रिमी कुछ सोचती रही और इसी बीच रोली उसे प्यार कर अपने स्कूल के लिए निकल पड़ी। रिमी अकसर अपनी मां की हर चीज की कॉपी करती थी। कभी उनके दुपट्टे की साड़ी बनाकर पहनती थी तो कभी उनकी क्लिप अपने बालों में लगाती थी। रिमी को रंग-बिरंगे हेयर बैंड लगाने का बहुत शौक था। रोली ने रिमी के लिए ढेर सारे हेयर बैंड लाकर रखे हुए थे। उसके पास उसकी ड्रेस से मैच करते अनेकों हेयर बैंड थे। रिमी घूमने जाते समय अपनी ड्रेस से मैच करके हेयर बैंड लगाकर और अपने कंधे पर छोटा सा पर्स टांग कर कहती थी, ‘मम्मा मैं तो कब से तैयार हो गई हूं और आप अभी तक ऐसे ही खड़े हो।’ रिमी को गुलाबी रंग का हेयर बैंड बहुत खूबसूरत लगता था। वह हेयर बैंड काफी महंगा भी था। उसमें सिल्वर रंग के नग लगे हुए थे और रेशमी महीन गुलाबी धागे। रिमी उस हेयर बैंड को पहनकर बिल्कुल परी लगती थी। एक दिन रोली बाजार जा रही थी तो रिमी ने भी जिद पकड़ ली कि वह भी मां के साथ बाजार जाएगी और वापसी में आइसक्रीम खाएगी। रोली उसे अपने साथ ले जाने लगी तो रिमी बोली, ‘एक मिनट मम्मा, मैं जरा अपना हेयर बैंड लगा आऊं ।’ कुछ ही देर बाद रिमी अपने गुलाबी हेयर बैंड को सिर का ताज बनाकर चली आई। रोली उसे लेकर बाजार में घूमने लगी। रोली ने कुछ सब्जी-फल और जरूरत की वस्तुएं खरीदीं और फिर रिमी को आइसक्रीम पार्लर की ओर लेकर चल दीं। आइसक्रीम पार्लर से कुछ दूरी पर बहुत सारे बच्चे फटे हुए चिथड़ों में एक सड़े हुए सेब को पाने के लिए लड़ रहे थे। यह देखकर रोली अत्यंत गमगीन हो गई। तभी उसकी नजर रिमी पर गई तो उसने देखा कि एक मैली-कुचैली सी लड़की रिमी से कुछ बोल रही थी। रोली ने उस लड़की को देखा। वह लड़की रिमी के गुलाबी हेयर बैंड की तरफ इशारा करते हुए बोली, ‘मुझे, यह दे दो। मैं भी इसे अपने बालों में लगाऊं गी और तुम्हारी तरह सुंदर बन जाऊंगी।’ नन्ही रिमी ने अपनी बड़ी आंखों से उस लड़की को देखा और कुछ सोचते हुए अपना हेयर बैंड उतारकर उसकी ओर बढ़ा दिया। लड़की ने लपककर हेयर बैंड ले लिया और खुश होकर अपने साथियों के बीच पहुंच गई। यह देखकर रोली बोली, ‘बेटा, यह तुमने क्या किया? गुलाबी हेयर बैंड तो तुम्हारा फेवरेट बैंड था। तुमने उसे क्यों दे दिया?’ इस पर रिमी बोली, ‘मम्मा, मेरे पास एक नहीं बहुत सारे हेयर बैंड हैं। अगर वह मेरा फेवरेट भी था तो क्या हुआ? उसे भी तो वही पसंद था।’ मासूम रिमी की बात सुनकर रोली दंग रह गई। रिमी की बात पर रोली ने उन सभी बच्चों के लिए ढेर से फल खरीदे और उन में बांट दिए। उनमें वह लड़की भी थी, जिसे रिमी ने अपना हेयर बैंड दिया था। अब वह हेयर बैंड उस लड़की के बालों की शोभा बढ़ा रहा था। उसके बालों में गुलाबी हेयर बैंड को लगा हुआ देखकर रिमी रोली से बोली, ‘मम्मा, इस लड़की के बालों में हेयर बैंड लगा देखकर मुझे इसका एक नया नाम सूझा है।’ रोली उसकी बात समझ नहीं पाई और बोली, ‘क्या बेटा?’ रिमी तपाक से बोली, ‘भला, मम्मी हेयर बैंड को हम बालों में लगाते हैं तो वह हिन्दी में बाल बैंड हुआ ना। हेयर बैंड तो अंग्रेजी का शब्द है।’ नन्ही मासूम रिमी के हेयर बैंड के नए शब्द बाल बैंड की खोज पर रोली मुस्करा उठी और उसे गोद में उठाकर आइसक्रीम पार्लर में चली गई।

नया साल नए अजूबे

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तुम दुनिया के नए-पुराने सभी अजूबों के बारे में जानते होगे। ये अजूबे वर्षों पहले बने थे, मगर आज भी ऐसे कई काम हो रहे हैं, जो तुम्हारे लिए किसी अजूबे से कम नहीं हैं। आज इनके बारे में तुम्हें बता रहे हैं पंकज घिल्डियाल
दुनिया का पहला निराला घर
आज तक तुमने कई तरह के डिजाइन वाले घर देखे होंगे। कई ऐसे घर होंगे, जो कि सी अनोखे आकार में तुम्हें आकर्षित भी करते होंगे। अलग-अलग तरह के डिजाइन करने वाले वास्तुकार भी हर सुख-सुविधा का घर बनाते हैं। पर अगर हम तुमसे ये पूछें कि क्या तुमने कभी उल्टा घर भी देखा है, जिसका बेस उसकी छत की तरह हो और छत जमीन से सटी हो। हां, एक ऐसा घर बन कर तैयार है, जिसे देखकर ऐसा लगेगा, मानो कुछ देर पहले कोई जबरदस्त भूंकप ने इस घर को एकदम उलट दिया हो। जब तुम इसे देखोगे तो अपनी बाईं या दाईं तरफ घुमाकर उसे सीधा देखने की कोशिश करोगे। इस घर के किचन से लेकर बाथरूम और हर एक कमरा अपने सिर के बल उल्टा लटका हुआ लगता है। 23 फीट ऊंचे इस घर में रहने के लिए वह हर स्थान है, जो एक परिवार के लिए जरूरी होता है। मगर यह घर रहने के लिए नहीं बनाया गया है। इस घर का निर्माण जर्मनी स्थित एक चिड़ियाघर के लिए किया गया है। यहां के स्थानीय कारपेंटर गैरहार्ड ने इस बारे में सोचा। फिर उसने अपने अन्य साथियों को इस बारे में बताया। गैरहार्ड की बात सुनकर सबने उन्हें प्रोत्साहित किया और इस काम में मदद करने का आश्वासन दिया। इसके बाद ही गैरहार्ड ने इसका निर्माण कार्य आरंभ किया। करीब 50 अलग-अलग टुकड़ों की मदद से इस घर की छत को बनाया गया है। हर चीज को सही तरीके से करने में निर्माताओं को महीनों तक मेहनत करनी पड़ी। कारीगरों के मुताबिक आज उन्हें यह सुखद एहसास होता है कि उन्होंने दुनिया का एक निराला घर तैयार किया है। इस घर के बनने के बाद से यहां दूर-दूर से लोग इसे देखने के लिए प्रतिदिन आते हैं। इस चिड़ियाघर में लोगों की आवाजाही बढ़ गई है। लैड से बच्चों को बचाने की पहल
पर्यावरण को दूषित होने से बचाने के लिए विश्व में अलग-अलग स्तर पर काम किया जा रहा है। हर संभव कोशिश की जा रही है कि जहीरीले पदार्थों से इस धरती को कैसे बचाया जाए। बच्चों को बड़ों से अधिक संवेदनशील माना जाता है। इसीलिए उन पर दूषित होते पर्यावरण का असर अधिक होता है। खेल-खेल में उनके स्वास्थ्य को खतरा न हो, इसकी पहल हो चुकी है। बेंगलुरू में बच्चों के खेलने का एक ऐसा पार्क तैयार है, जो खतरनाक शीशा यानी लैड से मुक्त है। इसके पीछे बेंगलुरू के बायोकैमिस्ट्री के रिटायर्ड प्रोफेसर थुप्पली वेंकटेश की मेहनत है। डॉक्टर वेंकटेश ने यहां देश का पहला ऐसा सेंटर तैयार करवाया, जो लैड के जहरीले कणों से लड़ने के विकल्प को ढूंढ़ रहा है। उन्होंने अपनी रिसर्च में पाया कि लैड मनुष्य को बहुत नुकसान पहुंचा सकता है। खासकर के बच्चों का स्वास्थ्य। लैड से बच्चों का आई क्यू भी कम हो जाता है। अब उन्होंने यह भी बताया कि आखिर बच्चों तक लैड पहुंचता कैसे है। उनके मुताबिक बच्चों को  लैड के दुष्प्रभाव हर वक्त अपनी चपेट में लेने के लिए तैयार रहते हैं। घर, स्कूल व पार्क में इस्तेमाल किया जाने वाला पेंट ही बच्चों का सबसे बड़ा दुश्मन है। आमतौर पर प्रदूषण की परिभाषा गाड़ियों व फैक्टरियों के धुएं को ही दी जाती है। स्कूल बसों का पीला रंग और खेल के मैदान में इस्तेमाल किये जाने वाले अलग-अलग पेंट में भी लैड पाया जाता है। डॉ. वेंकटेश ने बच्चों के जीवन से लैड को दूर करने की शुरुआत बेंगलुरू के पार्क से करनी चाही, क्योंकि पार्क बच्चों की मस्ती की मनपसंद जगह है। जब पार्क तैयार किया जाना था तो सबसे बड़ी मुश्किल यही थी कि आखिर लैड फ्री पेंट कहां से लाया जाए। हैरानी तब हुई जब किसी भी भारतीय पेंट निर्माता के पास लैड फ्री पेंट नहीं पाया गया। कुछ विज्ञापन उत्पादों में जरूर लैड फ्री का दावा किया जाता है, मगर उनकी संख्या न के बराबर है। इस समस्या से निपटने के लिए उन्होंने सबसे पहले मैसूर पेंट्स एंड लैक कंपनी को मनाया कि उनके लिए लैड फ्री पेंट तैयार करे।

दूसरे चरण में बेंगलुरू की जवाहर बाल भारती संस्था से बात की गई। यह एक ऐसा पार्क है, जहां हर रोज करीब 3 हजार बच्चों आते हैं। बस इसी पार्क को लैड फ्री बनाए जाने की योजना बनाई गई। योजना सफल हुई और पिछले दिनों सभी बच्चों के लिए इसे खोल दिया गया। डॉ. वेंकटेश चाहते हैं कि राष्ट्रीय कार्यक्रम के तहत देश के हर स्कूल व पार्क को लैड फ्री बनाया जाए। एर्नाकुलम के सरकारी अस्पताल पहल करते हुए पैडियाट्रिक डिपार्टमेंट को लैड फ्री बना रहे हैं। एक बार लोगों में जागरूकता आएगी और पेंट्स कंपनी साथ देंगी तो वे दिन दूर नहीं कि घर व बाहर हर जगह लैड फ्री पेंट का इस्तेमाल किया जाएगा। मजाेदार बात यह है कि लैड फ्री पेंट दूसरे पेंट के मुकाबले सस्ता भी है। मैसूर पेंट्स के मुताबिक जहां लैड फ्री पेंट 180 रुपए प्रति लीटर बिकेगा, वहीं दूसरे पेंट्स 250 रुपए प्रति लीटर से अधिक कीमत में बिक रहे हैं।
नमक की ईंटों पर खड़ा है ये होटल...
फाइव स्टार से फाइव स्टार डीलक्स होटल तक हर बड़े शहरों में देखे जाते हैं। उनकी दीवारों और छतों को बनाने में आमतौर पर सीमेंट, लोहा, ईंट, डस्ट आदि का इस्तेमाल किया जाता है। लेकिन सोचो कि अगर किसी होटल में दाखिल होते ही नोटिस बोर्ड पर होटल की दीवारों से छेड़छाड़ न करने की चेतावनी लिखी हो तो कितनी हैरानी होगी तुम्हें। जी हां, कुछ ऐसे शब्दों को बोलविया के एक होटल में लिखा देखा जा सकता है। यह होटल पूरी तरह से नमक का बना हुआ है। समुद्रतल से 12,500 फीट की ऊंचाई पर स्थित इस होटल को करीब से देखने व ठहरने के लिए हजारों पर्यटक हर साल पहुंच रहे हैं। यहां वे सभी सुविधाएं हैं, जो एक स्तरीय होटल से उम्मीद की जाती है। होटल को बनाने के लिए नमक की ईंटों का इस्तेमाल किया गया है। नमक की दीवारें यहां के तापमान को भी नियत्रित करती हैं। यहां रात में तापमान -9 और 5 डिग्री सेल्सियस के बीच रहता है। यहां तकरीबन 60 हजार यात्राी हर साल आते हैं। यह होटल टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में पूरी दुनिया में मशहूर हो चुका है। लोग दूर-दूर से यहां रहने आते हैं और अलग अनुभव पाते हैं। अब बीज बच जाएंगे...
सीड वॉल्ट एक बीज बैंक है। इसे बनाने में नॉर्वे और इंग्लैंड जैसे देशों का योगदान खासा अहम रहा है। दुनिया के कई देशों में ऐसे बीज बैंक हैं, जो  फसलों, फूलों और दूसरी चीजों के बीजों को संजोकर रखते हैं। ऐसा इसलिये होता है कि कभी भी विपदा के समय वह काम आ सकें। मगर अब इससे भी एक कदम आगे की बात वैज्ञानिकों ने की है। उन्होंने नॉर्थ पोल, जो दुनिया का बेहद ठंडा इलाका है, वहां पर एक बीज बैंक बनाया है। यह बीज बैंक दूसरे बैंकों जैसा ही है। मगर इतना विशाल है कि तुम शायद सोच भी नहीं सकते हो। यह ऐसी जगह है, जहां पर इस तरह की विपदा आसानी से नहीं आएगी। इसके अलावा वैज्ञानिकों ने इस जगह को इसलिये भी चुना, क्योंकि यहां के बर्फीले मौसम में बीज को लम्बे समय तक के लिये बचा कर रखा जा सकता है। इसको बनाते समय कई देशों ने आपसी समझौते के तहत इस जगह को नो वार जोन में बदल दिया। यानी किसी भी सूरत में यहां युद्ध नहीं होगा। यह सीड वॉल्ट बर्फ की चट्टानों को काटकर बहुत गहराई में अंदर तक बनाया गया है। इसमें किसी भी किस्म के लाखों की संख्या में बीज रखे हैं। दुनिया का कोई पेड़-पौधा ऐसा नहीं बचा है, जिसका बीज यहां पर मौजूद न हो। मजे की बात है कि यह बैंक किसी तरह की विपदा आने पर उस देश को बीज देने में किसी तरह की वसूली नहीं करता है। यह इस पृथ्वी पर जीवन को बनाए रखने के लिये ही किया जा रहा है। आज हम कह सकते हैं कि भले ही पृथ्वी पर से डायनासोर जैसे जीव लुप्त हो गए हों, मगर आज पृथ्वी पर जीवन बचाने की यह कोशिश देखकर लगता है कि शायद इस हरी-भरी पृथ्वी पर इसकी हरियाली हमेशा कायम रहेगी।  

दिल्ली पुलिस के लिए मिला-जुला रहा पिछला साल

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बीता साल दिल्ली पुलिस के लिए मिला-जुला रहा, जहां आईपीएल स्पॉट-फिक्सिंग मामले का भंडाफोड़ हुआ और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादी अब्दुल करीम टुंडा को गिरफ्तार किया गया, व हीं महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस को आलोचनाओं का सामना करना पड़ा।
   
अप्रैल में पूर्वी दिल्ली में पांच साल की बच्ची के साथ बलात्कार की घटना ने पुलिस विरोधी प्रदर्शनों को और तेज कर दिया। एक अस्पताल में प्रदर्शन कर रही लड़की को दिल्ली पुलिस के एक सहायक आयुक्त द्वारा थप्पड़ मारने की घटना ने दिल्ली पुलिस के लिए अप्रिय स्थिति पैदा कर दी।
   
साल 2013 में दिल्ली पुलिस को नये प्रमुख मिले। 1977 बैच के आईपीएस अधिकारी भीम सैन बस्सी ने नीरज कुमार की जगह पुलिस आयुक्त की जिम्मेदारी संभाली। नीरज कुमार का कार्यकाल बहुत उतार-चढ़ाव वाला रहा।
   
दिल्ली पुलिस कुछ और बड़ी घटनाओं को लेकर भी सुर्खियों में रही। जुलाई में पुलिस की गोलीबारी में एक बाइकर युवक की मौत और मार्च में संदिग्ध हिज्बुल आतंकवादी लियाकत शाह की गिरफ्तारी तथा दिसंबर में लश्कर के सदस्य शाहिद की गिरफ्तारी ने पुलिस को खबरों में रखा।
   
दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने प्रवचन करने वाले आसाराम के बेटे नारायण साई को भी पिछले साल ही गिरफ्तार किया। 2,200 करोड़ रपये के स्पीक एशिया घोटाले के कर्ताधर्ताओं को भी हिरासत में लिया गया जिसमें करीब 24 लाख भारतीयों के साथ धोखाधड़ी हुई।
   
पिछले साल नगदी वाहनों को लूटने के और रसूखदार लोगों द्वारा अपनी नौकरानियों को प्रताडिम्त करने के भी कुछ मामले सामने आये। अपनी नौकरानी की कथित तौर पर हत्या करने के ऐसे ही एक मामले में बसपा सांसद धनंजय सिंह और उनकी पत्नी जाग्रति को गिरफ्तार किया गया। यह घटनाक्रम राष्ट्रीय खबरों में बना रहा।
   
साल 2013 के जाते-जाते कुछ पुलिसकर्मियों की गिरफ्तारी के भी मामले सामने आये जो या तो अवैध आचरण के कारण घेरे में आये या अपने पदों का दुरपयोग कर रहे थे। महिलाओं की सुरक्षा के मामले में आलोचनाओं से घिरी दिल्ली पुलिस ने हेल्पलाइन शुरू करने और थानों में सहायता डेस्क बनाने जैसे कुछ कदम उठाये।
   
पिछले साल बलात्कार के मामलों की संख्या पिछले 13 सालों में सर्वाधिक थी।

नए साल में सिर्फ 90 दिन ही बजेगी शहनाई

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वर्ष 2014 में कुल 90 दिन शहनाइयां बजेंगी। जून माह में जहां सर्वाधिक 17 दिन विवाह के लिए शुभ हैं, वहीं नवंबर माह में मात्र एक दिन ही वैवाहिक संयोग है। विगत वर्ष की अपेक्षा कम मुहूर्त होने पर लो गों को अधिक भागदौड़ करनी होगी।
वर्ष 2014 में वैवाहिक आयोजन के लिए मात्र 90 दिन का ही संयोग बन रहा है। विगत वर्ष 126 दिन का संयोग था। इसकी अपेक्षा इस वर्ष वैवाहिक दिनों की संख्या कम हो गई है। इस वर्ष कुल 90 दिन का वैवाहिक संयोग है। इसमें जनवरी में 11 दिन, 18 जनवरी, 19, 20, 21, 22, 23, 24, 25, 26, 27 व 28 जनवरी को वैवाहिक आयोजन हो सकता है। इसके अलावा फरवरी माह में 3, 4, 8, 9, 10, 14, 15, 17, 18, 19, 20, 21, 22, 23, 24 व 26 फरवरी को शुभ मुहूर्त माना गया है। इस प्रकार फरवरी माह में 16 दिन शहनाई बज सकती है। मार्च माह में 7 दिन लगन के लिए शुभ हैं। इसमें 2, 3, 4, 7, 8, 9 व 14 मार्च शामिल है। अप्रैल माह में विवाह के लिए 9 दिन, 16, 17, 18, 19, 20, 21, 22, 26 व 27 अप्रैल को लोग विवाह का दिन तय कर सकते हैं। मई माह में 15 दिन विवाह के लिए शुभ हैं। इसमें 1, 2, 7, 8, 10, 11, 13, 15, 17, 19, 23, 24, 25, 29 व 30 मई को वैवाहिक समारोह का आयोजन किया जा सकता है। जून माह में सर्वाधिक 17 दिन लगन मुहूर्त के लिए उत्तम हैं। इसमें 4, 6, 7, 8, 9, 10, 11, 12, 13, 14, 15, 19, 20, 21, 24, 25 व 26 तारीख को धूमधाम से शहनाई बजाई जा सकती है। जुलाई माह में 5 दिन का योग है। इसमें 1, 2, 3, 4 व 5 जुलाई को वैवाहिक आयोजन हो सकता है। नवंबर माह में मात्र एक दिन 30 नवंबर को ही विवाह का योग है, जबकि वर्ष के अंतिम माह दिसंबर में 9 दिन का संयोग बनता है। इसमें 1, 2, 5, 6, 7, 12, 13, 14 व 15 दिसंबर को शहनाई बज सकती है। अगस्त, सितंबर व अक्टूबर माह में वैवाहिक आयोजन के लिए कोई संयोग नहीं बनता है।

LIVE: हर्षवर्धन बोले- कांग्रेस का समर्थन लेकर केजरीवाल ने कसम तोड़ी

LIVE: हर्षवर्धन बोले- कांग्रेस का समर्थन लेकर केजरीवाल ने कसम तोड़ीनई दिल्ली. आम आदमी पार्टी के शिक्षा और पीडब्‍ल्‍यूडी मंत्री मनीष सिसोदिया ने गुरुवार को विश्‍वासमत का प्रस्‍ताव पेश किया। उन्‍होंने अपने भाषण में सदन के समक्ष जनता से किए अपने सभी 18 वादे गिनाए। सिसोदिया के बाद भाजपा नेता डॉक्‍टर हर्षवर्धन ने 'आप' पर जमकर निशाना साधा। उन्‍होंने अरविंद केजरीवाल पर हमला करते हुए कहा कि कभी वह टीवी चैनलों पर कांग्रेस का समर्थन नहीं लेने की कसम खाया करते थे, लेकिन आज वह उसी कांग्रेस के समर्थन से सरकार बनाने जा रहे हैं। हर्षवर्धन ने 'आप' से पूछा- आपके कांग्रेसियों को जेल भेजने के वादे का अब क्‍या? ऐसी कौन सी मजबूरी थी, जिसके चलते आपने कांग्रेस से हाथ मिलाया?
कांग्रेस ने अपने विधायकों के लिए व्हिप नहीं जारी किया है, जबकि भाजपा ने ऐसा कर दिया है। हालांकि, पार्टी विश्‍वास मत के खिलाफ मतदान करेगी। व्हिप जारी करने का मतलब है विधायकों को सदन में मौजूद रहने का निर्देश देना। आम तौर पर विश्‍वास मत या अहम मसलों पर मतदान के लिए पार्टियां व्हिप जारी करती हैं।
सिसोदिया समेत चार मंत्री और तीन विधायक विश्‍वास मत पर अपना पक्ष विधानसभा में रखेंगे। ‘आप’ को अपना पक्ष रखने के लिए 80 मिनट का समय दिया गया है। इतना ही समय कांग्रेस और भाजपा को भी दिया गया है। व्हिप नहीं जारी करने के बावजूद विधानसभा में केजरीवाल सरकार के विश्वास मत हासिल करने से पहले कांग्रेस ने आज साफ कर दिया कि वह ‘आप’ सरकार को अपना समर्थन जारी रखेगी और फैसले की समीक्षा करने का कोई सवाल ही नहीं उठता। दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अरविंदर सिंह लवली ने कहा कि हमने बाहर से आप सरकार को समर्थन देने का फैसला किया है और हम उसकी समीक्षा नहीं कर रहे हैं। हम अपने फैसले पर कायम हैं। हमारी तरफ से सरकार को कोई खतरा नहीं है।
दिल्‍ली विधानसभा में ‘आप’ के विश्‍वास मत पर अगर विपक्ष को आपत्ति होगी तो वह अपना विरोध दर्ज कराएंगे। इसके बाद प्रोटेम स्‍पीकर सभी विधायकों को वोट डालने के लिए कहेंगे। इस वोटिंग में अगर ‘आप’ की सरकार को 36 वोट नहीं मिलेंगे, तो सरकार गिर जाएगी। वहीं भाजपा के विधायक दल के नेता हर्षवर्धन ने व्हिप जारी करके ‘आप’ के विश्‍वास मत के खिलाफ वोट करने को कहा है।
उधर, भारतीय जनता पार्टी के नेता जगदीश मुखी ने स्‍पीकर पद के लिए आज नामाकंन भर दिया है। दिल्‍ली विधानसभा के स्‍पीकर पद के लिए कल मतदान होना है। भाजपा ने अपने सभी विधायकों को व्हिप जारी करके ये जानकारी दे दी है। इसकी दूसरी तरफ दिल्ली कांग्रेस लेजिस्लेचर पार्टी मीटिंग दोपहर डेढ़ बजे होगी, जिसमें स्पीकर के चुनाव को लेकर रणनीति तय की जाएगी।
जानिए दिल्‍ली विधानसभा का अंक गणित
आप के 70 सदस्यीय विधानसभा में 28 विधायक हैं और विधानसभा में बहुमत साबित करने के लिए 36 विधायकों की जरूरत होगी। इसके लिए उसे आठ विधायकों के समर्थन की जरूरत होगी। कांग्रेस के जहां आठ विधायक हैं। वहीं भाजपा और उसके सहयोगी अकाली दल को मिलाकर कुल 32 विधायक हैं। जद यू के एक मात्र विधायक ने केजरीवाल सरकार को समर्थन देने की घोषणा की है जबकि एक निर्दलीय विधायक है।