सूत्रों के अनुसार गिरफ्तारी के बाद से ही श्रीसंथ ने लगभग खामोशी ओढ़ ली है। इस दौरान उसने न ही चंदीला एवं चव्हाण से और न ही किसी बुकी से बात की। इन खिलाडिय़ों के इर्द गिर्द तैनात किए गए स्पेशल सेल के अधिकारियों ने कई बार श्रीसंथ को रोते हुए देखा। वह एक ही बात कहता था कि उसने गलती की है लेकिन उसे जीजू जनार्दन ने फंसाया था। पूछताछ के दौरान भी श्रीसंथ सिर्फ हां या न में ही जवाब दिया।
ऐसे में शक है कि श्रीसंथ लगातार उनसे कुछ बातें छिपा रहा है। अधिकारी स्पॉट फिक्सिंग की कहानी श्रीसंथ की जुबानी सुनने का प्रयास कर रहे हैं। सेल यह भी पता लगाने में जुटी है कि वह जीजू जनार्दन के अलावा अन्य कितने बुकीज के संपर्क में था। स्पॉट फिक्सिंग के एवज में मिले रुपए को उसने कहां और कैसे खर्च किया और शेष को कहां रखा है।
श्रीसंथ से अभी यह भी जवाब मिलना बाकी है कि उसने इन तीनों मैचों के अतिरिक्त अन्य कितने मैचों में स्पॉट फिक्सिंग की है। इस तरह के कई अन्य सवालों के जवाब हासिल करने के लिए सेल के अधिकारी श्रीसंथ की खामोशी को किसी भी तरह तोडऩे का प्रयास कर रहे हैं।
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