लालू यादव के खिलाफ आरोपों को हटाए जाने की सिफारिश करते हुए सिन्हा ने न केवल अभियोजन निदेशक : डीओपी : ओ पी वर्मा से बल्कि पटना जोन के प्रमुख समेत पटना शाखा के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से भी असहमति जतायी।
अब मामले को सिन्हा की विशेष अपील पर सोलिसिटर जनरल को भेज दिया गया है। हालांकि सीबीआई निदेशक और डीओपी के बीच वैचारिक मतभेद होने के मामले में उचित प्राधिकार अटार्नी जनरल हैं।
उन्होंने कहा कि मामले में अधिकतर सबूत और अधिकतर आरोपी व्यक्ति एक समान हैं जिसमें आरोपों की बारीकियां भी शामिल हैं। सिन्हा ने कहा कि मेरा यह विचार है कि किसी व्यक्ति पर उसी अपराध के लिए किसी अन्य मामले में फिर से मुकदमा नहीं चलाया जा सकता जिसके लिए उसे पहले ही दोषी ठहराया जा चुका हो जबकि सबूत एक समान हैं।
उन्होंने 26 फरवरी को कहा था कि मैं शाखा, एचओजेड और डीओपी से असहमत हूं। चूंकि मैं डीओपी से सहमत नहीं हूं, इसलिए तीनों आरसी में , याचिकाओं में उठाए गए कानूनी मुद्दों पर राय जानने के लिए उन्हें सोलिसिटर जनरल को भेजा जाए।
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री लालू प्रसाद को चारा घोटाले से संबंधित मामलों में से एक मामले में पहले ही दोषी ठहराया जा चुका है।
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