नई दिल्ली. पड़ोसी मुल्क की तरफ से सीजफायर तोड़ने की जारी
गतिविधियों और पाकिस्तान की संसद में भारत विरोधी प्रस्ताव को लेकर भारत
सरकार ने सख्त रवैया अपनाया है। भारतीय संसद में पाकिस्तान विरोधी
प्रस्ताव पास हो गया। इसमें कश्मीर को भारत का अभिन्न अंग बताया गया।
स्पीकर मीरा कुमार ने प्रस्ताव पढ़ कर सुनाया और सभी सांसदों ने इस पर अपनी
सहमित जताई। इसके बाद सोमवार तक लोकसभा स्थगित कर दी गई। इसमें कहा गया कि
पाकिस्तान की नेशनल असेंबली को यह समझना चाहिए कि कश्मीर पर हमला भारत पर
हमला है। प्रस्ताव में एक दिन पहले नेशनल असेंबली और पंजाब की विधानसभा में
पास किए प्रस्ताव का विरोध जताया गया। मीरा कुमार ने कहा कि पाकिस्तानी
संसद में पास प्रस्ताव में भारतीय जवानों और लोगों के खिलाफ आधारहीन बातें
कही गई थीं।
इससे पहले विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष
सुषमा स्वराज से मुलाकात भी की। लेकिन नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारुक
अब्दुल्ला ने कहा कि पाकिस्तान के खिलाफ प्रस्ताव पारित करने से कोई
फायदा नहीं होगा। उन्होंने किसी समस्या का हल दोनों देशों के बीच बातचीत
के जरिये ही ढूंढने की नसीहत दी है।
इससे पहले, पाकिस्तान ने फिर अपनी दोहरी नीति दिखाई। प्रधानमंत्री
नवाज शरीफ ने एक ओर दोस्ती का हाथ बढ़ाते हुए कहा कि भारत-पाकिस्तान
रिश्तों की नई शुरुआत होनी चाहिए। वहीं पाकिस्तान की नेशनल असेंबली ने भारत
विरोधी प्रस्ताव पारित किए। एक दिन पहले पंजाब प्रांत की असेंबली में भी
ऐसा ही प्रस्ताव पारित किया गया था। यही नहीं, पाकिस्तान की ओर से
युद्धविराम का उल्लंघन बुधवार को भी जारी रहा। सेना ने जम्मू-कश्मीर के
कुपवाड़ा जिले में
एलओसी पर बुधवार को घुसपैठ की एक कोशिश नाकाम करते हुए
दो आतंकवादियों को मार गिराया है।
विज्ञान और तकनीकी मंत्री जाहिद हामिद ने यह प्रस्ताव पेश किया है।
इसमें कहा गया कि भारत ने नियंत्रण रेखा पार कर संघर्ष विराम का उल्लंघन
किया है। यह आक्रामक रवैया है। इसमें भारत से कहा गया है कि वह उस
द्विपक्षीय संघर्ष विराम संधि का पालन करे। इस पर दोनों देशों ने 2003 में
हस्ताक्षर किए थे।
लाहौर में पंजाब असेंबली ने सोमवार को भारत की निंदा का प्रस्ताव
पारित किया था। इसमें कहा गया, ‘भारत ने पंजाब सीमा के पास नियंत्रण रेखा
का उल्लंघन किया। सदन इसकी निंदा करता है।’ पंजाब के मुख्यमंत्री शाहबाज
शरीफ हैं। वे नवाज शरीफ के भाई हैं।
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