इसके अगले दिन 2 अक्टूबर को शाह मथुरा में होंगे. यहां वह राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के तत्वावधान में पंडित दीनदयाल उपाध्याय की हिन्दी तिथि के मुताबिक पड़ने वाले जन्मदिवस पर आयोजित एक सभा को संबोधित करेंगे. यह सभा मथुरा में पंडित दीनदयाल उपाध्याय के पैतृक गांव नागला चंद्रभान में होगी.
सभा के बाद शाह संघ के नेताओं के साथ बैठक कर मुजफ्फरनगर दंगे के बाद बने माहौल में पार्टी की स्थिति की आकलन भी करेंगे. इस बैठक में मोदी की रैली को सफल बनाने और बीजेपी में गुटबाजी को रोकने पर भी चर्चा होगी.
3 अक्टूबर को शाह कानपुर में बैठक कर यहां होने वाली मोदी की पहली रैली के कार्यक्रम को अंतिम रूप देंगे. रैली के लिए मैदान मिलने में आ रही दिक्कतों के मद्देनजर नए रैली स्थल पर भी शाह अपनी मुहर लगाएंगे. 4 अक्टूबर को शाह एक बार फिर लखनऊ में पार्टी के बड़े नेताओं के साथ बैठक मोदी की रैली के रोडमैप को अंतिम रूप देंगे.
इसके अगले दिन 5 अक्टूबर को बरेली में बैठक कर बरेली और बृज क्षेत्र के पूर्व जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक कर रुहेलखंड में बीजेपी के लोकसभा क्षेत्र के संभावित प्रत्याशियों के नाम और उनकी मजबूती की जानकारी भी लेंगे. उधर शनिवार की देर शाम बीजेपी में यूपी के कानपुर में नरेंद्र मोदी की 15 अक्टूबर को होने वाली रैली टाल दी है. अब यह रैली 19 अक्टूबर को होगी. 16 अक्टूबर को बकरीद के त्योहार के कारण इस रैली को सरकार ने अनुमति देने से इनकार कर दिया था.
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