अफगानिस्तान ने इस जीत से दो साल पहले नयी दिल्ली में भारत के हाथों फाइनल में मिली 0-4 की हार का बदला भी चुकता कर दिया। उसकी तरफ से मुस्तफा अजादजोइ ने आठवें और संजार अहमदी ने 63वें मिनट में गोल किए। भारतीय कोच विम कोवरमैन्स का सुनील छेत्री को शुरुआती एकादश में नहीं रखने का जुआ नहीं चल पाया हालांकि रोबिन सिंह और जेजे लेलपुखलहुआ ने अच्छा प्रदर्शन किया। बड़े अवसरों पर उनका कम अनुभव भारत को महंगा पड़ा। अफगानिस्तान पिछले दो साल से इस मौके का इंतजार कर रहा था। उसे भारत ने दिल्ली में फाइनल में करारी शिकस्त दी थी। अफगानिस्तान के कुछ सांसद भी अपनी टीम का हौसला बढ़ाने के लिए यहां आ रखे थे। उन्होंने यह मैच जीतने पर टीम के प्रत्येक खिलाड़ी के एक अपार्टमेंट और 25 हजार डालर के इनाम की घोषणा की थी। खिलाड़ियों ने इस घोषणा से प्रेरणा ली या नहीं यह जानना मुश्किल है लेकिन वे निश्चित तौर पर अपनी रणनीति के अनुरूप खेले और भारतीयों के लगातार हमलों के बावजूद उसे गोल से वंचित रखा। उसने दोनों गोल जवाबी हमले से किए और दो गोल होने के बाद अपना रक्षण मजबूत कर दिया। सेमीफाइनल मैच की तरह अफगानिस्तान ने आठवें मिनट में ही बढ़त हासिल कर ली। उसके राइट विंगर मुस्तफा हादिद भारतीय लेफ्ट बैक सैयद रहीम नबी को छकाकर पेनाल्टी बाक्स में घुसे। उन्होंने बेलाल अरेजो को बढ़ाया जो अर्णब मंडल को छकाने में सफल रहे। उन्होंने वापस मुस्तफा को गेंद सौंपी और उन्होंने गोल करने में कोई गलती नहीं की। भारत ने गोल गंवाने के बाद अच्छा प्रदर्शन किया तथा मेहताब हुसैन और फ्रांसिस्को फर्नाडिस की मदद से कई हमले किये। इस बीच 19वें मिनट में मेहताब ने रोबिन को गेंद थमायी लेकिन वह अफगानिस्तान के गोलकीपर मसूर फागिरयार को नहीं छका पाये। इसके बाद 26वें मिनट में भी भारत के पास मौका था। रोबिन ने फ्रांसिस को गेंद बढ़ाई जिन्हें उसे अराता को दिया लेकिन उनका शाट अच्छा नहीं थ और गोलकीपर ने उसे रोक दिया। फागिरयार ने 35वें मिनट में मेहताब का शाट भी बचाया। इसके बाद रिबाउंड पर जेजे का शाट विरोधी टीम के कप्तान फखरुद्दीन अमीरी ने बचा दिया। छेत्री आखिर में 60वें मिनट में मैदान पर उतरे। वह आते ही गोल की तरफ बढ़े लेकिन गोलकीपर ने उनका प्रयास नाकाम कर दिया। इसके बाद अफगानिस्तान ने जवाबी हमला करते हुए 63वें मिनट में दूसरा गोल दाग दिया। भारत ने आखिरी क्षणों में वापसी की नाकाम कोशिश की।
Wednesday, 11 September 2013
भारत की उम्मीदें तोड़कर अफगानिस्तान बना सैफ चैंपियन
अफगानिस्तान ने इस जीत से दो साल पहले नयी दिल्ली में भारत के हाथों फाइनल में मिली 0-4 की हार का बदला भी चुकता कर दिया। उसकी तरफ से मुस्तफा अजादजोइ ने आठवें और संजार अहमदी ने 63वें मिनट में गोल किए। भारतीय कोच विम कोवरमैन्स का सुनील छेत्री को शुरुआती एकादश में नहीं रखने का जुआ नहीं चल पाया हालांकि रोबिन सिंह और जेजे लेलपुखलहुआ ने अच्छा प्रदर्शन किया। बड़े अवसरों पर उनका कम अनुभव भारत को महंगा पड़ा। अफगानिस्तान पिछले दो साल से इस मौके का इंतजार कर रहा था। उसे भारत ने दिल्ली में फाइनल में करारी शिकस्त दी थी। अफगानिस्तान के कुछ सांसद भी अपनी टीम का हौसला बढ़ाने के लिए यहां आ रखे थे। उन्होंने यह मैच जीतने पर टीम के प्रत्येक खिलाड़ी के एक अपार्टमेंट और 25 हजार डालर के इनाम की घोषणा की थी। खिलाड़ियों ने इस घोषणा से प्रेरणा ली या नहीं यह जानना मुश्किल है लेकिन वे निश्चित तौर पर अपनी रणनीति के अनुरूप खेले और भारतीयों के लगातार हमलों के बावजूद उसे गोल से वंचित रखा। उसने दोनों गोल जवाबी हमले से किए और दो गोल होने के बाद अपना रक्षण मजबूत कर दिया। सेमीफाइनल मैच की तरह अफगानिस्तान ने आठवें मिनट में ही बढ़त हासिल कर ली। उसके राइट विंगर मुस्तफा हादिद भारतीय लेफ्ट बैक सैयद रहीम नबी को छकाकर पेनाल्टी बाक्स में घुसे। उन्होंने बेलाल अरेजो को बढ़ाया जो अर्णब मंडल को छकाने में सफल रहे। उन्होंने वापस मुस्तफा को गेंद सौंपी और उन्होंने गोल करने में कोई गलती नहीं की। भारत ने गोल गंवाने के बाद अच्छा प्रदर्शन किया तथा मेहताब हुसैन और फ्रांसिस्को फर्नाडिस की मदद से कई हमले किये। इस बीच 19वें मिनट में मेहताब ने रोबिन को गेंद थमायी लेकिन वह अफगानिस्तान के गोलकीपर मसूर फागिरयार को नहीं छका पाये। इसके बाद 26वें मिनट में भी भारत के पास मौका था। रोबिन ने फ्रांसिस को गेंद बढ़ाई जिन्हें उसे अराता को दिया लेकिन उनका शाट अच्छा नहीं थ और गोलकीपर ने उसे रोक दिया। फागिरयार ने 35वें मिनट में मेहताब का शाट भी बचाया। इसके बाद रिबाउंड पर जेजे का शाट विरोधी टीम के कप्तान फखरुद्दीन अमीरी ने बचा दिया। छेत्री आखिर में 60वें मिनट में मैदान पर उतरे। वह आते ही गोल की तरफ बढ़े लेकिन गोलकीपर ने उनका प्रयास नाकाम कर दिया। इसके बाद अफगानिस्तान ने जवाबी हमला करते हुए 63वें मिनट में दूसरा गोल दाग दिया। भारत ने आखिरी क्षणों में वापसी की नाकाम कोशिश की।
Subscribe to:
Post Comments (Atom)
No comments:
Post a Comment