जन्म के समय नवजात शिशु की गर्भनाल को देर से काटने से नवजात शिशु को काफी फायदा होता है। एक नए अध्ययन में यह बात सामने आयी है।
इस संबंध में ला ट्रोब यूनिवर्सिटी ने करीब चार हजार महिलाओं और
उनके नवजात शिशुओं का अध्ययन किया। यूनिवर्सिटी में मिडवाइफ्री की प्रमुख
लेखक सुसान मैकडोनाल्ड ने कहा कि यह पाया
गया कि जिन नवजात शिशुओं की
गर्भनाल देर से काटी गयी उनके रक्त में आयरन का स्तर अधिक था।
इस शोध की रिपोर्ट कोकरेन कोलोबरेशन में गुरुवार को प्रकाशित हुई है।
अध्ययन में देखा गया कि कई उच्च आय वाले देशों में मां और बच्चों को जोड़ने
वाली गर्भनाल को जन्म के एक मिनट से भी कम समय के भीतर काट दिया जाता है।
समीक्षा रिपोर्ट में कहा गया है कि लेकिन गर्भनाल को जल्दी काटने से मां के
शरीर से बच्चों के शरीर में जाने वाले रक्त की मात्रा कम हो जाती है जो
प्लेसेंटा के जरिए बच्चों में जाता है। इससे बच्चों के रक्त में आयरन की
मात्रा प्रभावित होती है।
दूसरी ओर, यह भी देखा गया कि जन्म के एक मिनट के बाद गर्भनाल काटने से
नवजात शिशु में पीलिया का खतरा हल्का सा बढ़ जाता है जिसे प्रकाश उपचार के
जरिए ठीक किया जाता है। समीक्षा रिपोर्ट में कहा गया है कि इन दोनों चीजों
को देखते हुए गर्भनाल को काटने के समय का फैसला सोचसमझ कर किए जाने की
जरूरत है।
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