Wednesday, 11 September 2013

दीर्घायु होते हैं उम्र से कम दिखने वाले लोग


 
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खूबसूरत चेहरे-मोहरे तथा उम्र से कम दिखने वाले लोग सामान्य लोगों की तुलना में अधिक जीते हैं।
       
डेनमार्क के वैज्ञानिकों का मानना है कि व्यक्ति के रंगरूप और उसके एपियरेन्स से उसके जीवन के बारे में काफी कुछ पता लगाया जा सकता है, मसलन वास्तविक उम्र से कम दिखने वाले लोग ज्यादा जीते हैं, जबकि उम्र से ज्यादा बडे लगने वाले लोगों का जीवन छोटा होता है।
       
ब्रिटिश मेडिकल जनरल की एक रिपोर्ट के अनुसार वैज्ञानिकों ने अपने इस अध्ययन ने लिए जुडवां बच्चों के 367 जोडों को चुना। इनकी फोटो नर्सों, प्रशिक्षु अध्यापकों तथा मिल समूह को दिखाई गई। इन पर किए गए अध्यन में पाया गया कि जवां दिखने वाला व्यक्ति अपने भाई बहन की तुलना में अधिक उम्र तक जिया।
       
वैज्ञानिकों ने अपने इस निष्कर्ष के लिए किसी भी इंसान के व्यकितत्व और उसके गुण, धर्म का निर्धारण करने वाले डिऑक्सी राइबो न्यूकिलक एसिड (डीएनए) के मुख्य भाग टेलोमियर्स को जिम्मेदार ठहराया। टेलोमियर्स क्रोमोजोन के धोर पर एक ढककन नुमा संरचना होती है, जो क्रोमोजोकस की रक्षा करती हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि व्यक्ति के जीवन का सीधा संबंध टेलोमियर्स से है। जिन व्यकितयों में टेलोमियर्स की लंबाई कम होती है उनमें बुढापे के लक्षण जल्दी दिखाई देते है, जबकि अधिक जवां दिखने वाले लोगों के टेलोमियर्स की लंबाई अधिक होती है। यूनिवर्सिटी आफ सदर्न डेनमार्क के प्रोफेसर के क्रिस्टेनसेन ने नेतृत्व में सात वर्ष तक चले इस अध्ययन के लिए चुने गए लोग 70 से 80 वर्ष के थे। इसमें पाया गया कि समान उम्र वाले जुडवा बच्चों में उस व्यक्ति की मृत्यु पहले हुई, जो कि उम्र में बडा नहीं था, लेकिन दिखाई देता था।

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