Monday, 8 July 2013

बोधगया बम धमाके की जांच NIA को सौंपेंगे: नीतीश

Image Loadingबिहार के मुख्यमंत् री नीतीश कुमार ने सोमवार को कहा कि बोधगया में कल हुए दस सिलसिलेवार बम धमाके की जांच का दायित्व एनआईए को दिया जायेगा। इसमें दो बौद्ध भिक्षु घायल हो गए थे।
यहां जनता के दरबार के बाद नीतीश ने कहा कि इन धमाकों की जांच के लिए कल शाम केन्द्रीय अनुसंधान एजेंसी (एनआईए) की टीम बोधगया पहुंच चुकी है। पुलिस महानिदेशक एवं गृह सचिव से आज भी उनकी बातें हुयी है। अभी तक वे किसी निर्णय पर नहीं पहुंच पाए है। उन्होंने कहा कि जांच कार्य ठीक ढंग से होना चाहिए। जल्दी में निर्णय लेना उचित नहीं होता है। नीतीश ने कहा कि महाबोधि मंदिर की सुरक्षा के लिए केन्द्रीय बल सीआईएसएफ की सेवा ली जायेगी। इसके लिये केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जा रहा है। उन्होंने कहा कि बोधगया का महाबोधि मंदिर विश्व धरोहर है और महाबोधि मंदिर प्रबंधकारिणी समिति (बीटीएमसी) ने भी प्रस्ताव पारित कर मंदिर की सुरक्षा को बढ़ाए जाने की कल मांग की थी। मंदिर की आतंरिक सुरक्षा अब पुलिस के हवाले है। नीतीश ने कहा कि सीआईएसएफ एक दक्ष केन्द्रीय बल है। सीआईएसएफ की सेवा महाबोधि मंदिर की सुरक्षा के लिये ली जायेगी और उस पर जो खर्च होगा, इसका वहन बिहार सरकार करेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसी घटना देश में कहीं भी हो सकती है। बिहार में सिलसिलेवार धमाके की यह पहली घटना है। ऐसी वारदातों को रोकने का कोई दावा नहीं कर सकता है। यह बहुत बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि इस तरह की हर घटना को गंभीरता से लिया जाना चाहिये और आगे के लिए इससे सबक सीखा जाना चाहिए। नीतीश ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही वे मुख्य सचिव, गृह सचिव, डीजीपी, आईबी के वरीष्ठ अधिकारी एवं अन्य अधिकारियों को साथ लेकर घटनास्थल पर पहुंचे। स्थल का निरीक्षण किया। इस घटना के दोषियों को कठोर सजा दिलायी जायेगी। इस घटना के विरोध में भाजपा द्वारा आज गया जिला बंद और राजद द्वारा मगध प्रमंडल बंदी की घोषणा के बारे में पूछे जाने पर नीतीश ने कहा कि ऐसी घटनाओं पर सियासत नहीं होनी चाहिये। यह घटना अत्यन्त निदंनीय है। नीतीश ने कहा कि हमारे एक कदम (भाजपा से नाता तोड़ने) से सब लोग बेनकाब हो चुके हैं। भाजपा की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि उसमें सत्ता से हटने की बौखलाहट दिख रही है। राजद की ओर इशारा करते हुए नीतीश ने कहा कि जिन्हें जनता ने सत्ता से बाहर कर दिया था, वे भी सत्ता में आने के लिए लालायित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि कुछ लोग प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से सरकार के विरुद्ध काम करेंगे। हमारा लक्ष्य सिद्धांत पर डटे रहने का है। इसके लिए जो भी कुर्बानी देनी होगी दी जाएगी। भाजपा के साथ जदयू के गठबंधन की चर्चा करते हुए नीतीश ने कहा कि हमारा गठबंधन कुछ शर्त के साथ हुआ था, जिसमें विवादित मुद्दे और विवादित व्यक्ति को अलग रखने का था। उन्होंने कहा कि हम राम मनोहर लोहिया और लोकनायक जयप्रकाश नारायण के विचारों को मानने वालों में हैं। लोहिया जी का कहना था कि जो सरकार में रहे उसे मुंह से नहीं काम से बोलना चाहिए। नीतीश ने कहा कि मैं काम से बोलने में विश्वास रखता हूं और मेरा काम बोल रहा है। हम जमीन से जुडे लोग है, हमें जमीन पर ही रहने दें।

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