89 संसदीय सीटों पर करीब 14 करोड मतदाता 11 हजार से अधिक उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे.सातवें चरण के मतदान को महत्वपूर्ण माना जा रहा है और इसके ही 438 सीटों पर चुनाव प्रक्रिया पूरी हो जाएगी. अगले दो चरणों में शेष 105 सीटों के लिए सात और 12 मई को मतदान होना है.
शांतिपूर्ण और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिये व्यापक सुरक्षा बंदोबस्त तथा सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गयी हैं.
छठे चरण के मतदान के बाद झारखंड और जम्मू कश्मीर में मतदान केंद्रों से लौट रहे मतदानकर्मियों पर हमले की घटना को देखते हुए कड़े सुरक्षा प्रबंध कर दिए गए हैं.
की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के पुख्ता इंतजाम किए हैं.
इस चरण के मतदान से पहले आज सभी संसदीय क्षेत्रों में उम्मीदवार सुबह से आज घर घर जाकर मतदाताओं से व्यक्तिरूप से संपर्क कर रहे हैं और अपने पक्ष में मतदान करने के लिए मतदाताओं को प्रेरित कर रहे हैं.
सातवें चरण के मतदान में जिन प्रमुख राजनीतिक हस्तियों की किस्म का फैसला होना है. उनमें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेन्द्र मोदी बडोदरा भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी मुरली मनोहर जोशी.
बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबडी देवी. पूर्व केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान नेशनल कांफ्रेंस के नेता और केन्द्रीय मंत्री फारूक अब्दुल्ला भाजपा के वरिष्ठ नेता अरुण जेटली तथा पंजाब के पूर्व मुख्य मंत्री कैप्टन अमरेंद्र सिंह सहित कई अन्य कई प्रमुख राजनेता शामिल हैं.
इस चरण में कुल मिलाकर 11295 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं.अब तक हुए छह चरणों के मतदान में कुल 394 सीटों के लिये मतदान हो चुका है और इनमकें औसतन 66 प्रतिशत मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल कर चुके है.
इस चरण की 89 सीटों में से सर्वाधिक 37 सीटें कांग्रेस के कब्जे में हैं.
भारतीय जनता पार्टी के पास 19 सीटें हैं. जिसमें से 15 सीटें उसे गुजरात में मिली थीं. इस चरण में गुजरात की सभी 26 सीटों पर एक साथ मतदान हो रहा है.
जिस सीट पर सबकी आंखें लगी हुयी हैं. वह है. वडोदरा जहां से श्री मोदी चुनाव मैदान में हैं. यहां उनका मुकाबला कांग्रेस के मधुसूदन मिस्त्री से है. श्री मोदी लोकसभा के लिये पहली बार चुनाव मैदान में है.
श्रीमती सोनिया गांधी अपनी परम्परागत सीट रायबरेली से एक बार फिर चुनाव लड रही हैं जहां उनका मुकाबला भाजपा के अजय अग्रवाल से है.
राज्य में 2 करोड 81 लाख मतदाता लोकसभा के 265 तथा विधानसभा के 1669 उम्मीदवारों के भाग्य का फैसला करेंगे. तेलंगाना में भाजपा. कांग्रेस और तेंलंगाना राष्ट्र समिति
के बीच त्रिकोणीय मुकाबला नजर आ रहा है.
जम्मू कश्मीर में मतदान को लेकर लोगों में भय और भ्रम का माहौल है. श्रीगनर में केंद्रीय मंत्री फारुख अब्दुल्ला की चुनावी सभा में दो दिन पहले आतंकवादियों के हथगोला फेंकने की घटना के बाद मची अफरा तफरी से मतदाता डरा हुआ है.
श्रीनगर संसदीय सीट पर 14 उम्मीदवार मैदान में हैं लेकिन मुख्य मुकाबला नेशनल कान्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला तथा पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी .पीडीपी. के तारिक हमीद कारा के बीच है. वर्ष 1975 से यह सीट नेशनल कांफ्रेंस के कब्जे में रही है.
सिर्फ एक बार 1996 में यह सीट कां
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