आलिया भट्ट कुल जमा 20 साल की हैं। जिसके डैडी महेश भट्ट हों और गाइड करण
जौहर, जिसकी पहली फिल्म सुपर हिट रही हो, उसके लिए
आगे का रास्ता आसान हो
जाता है। पर आलिया ने आसान फिल्में चुनने की बजाय की ‘हाईवे’। बड़े आराम से
वह गिनी-चुनी फिल्में कर रही हैं। सुपर स्टार आलिया भट्ट को किसने सिखाया
यह सब?‘हाईवे’ अपने प्रोमो से ही सुर्खियों में रही है। क्या ये वैसी ही फिल्म है, जैसी प्रोमो में दिखाई दे रही है?
फिल्म के पहले प्रोमो से ही मैं नर्वस थी। कई बार अच्छे रिस्पांस से भी परेशानी होने लगती है, क्योंकि उम्मीदें बढ़ने लगती हैं। इस फिल्म में मैंने वीरा का किरदार निभाया है, जो बेहद अलग किस्म का किरदार है। मैं कहना चाहूंगी कि प्रोमो से फिल्म की पूरी स्थिति बयां नहीं की जा सकती। ये दो लोगों की कहानी है, जिसमें ढेर सारे अलग-अलग रंग हैं। ये रंग एक यात्रा के रूप में बाहर निकलते हैं और कहानी को मजेदार बनाते हैं। आप कह रही हैं कि वीरा एक बेहद अलग किरदार है। ये ‘अलग’ इफेक्ट इम्तियाज की वजह से है या आपने भी कुछ प्रयास किये हैं?
आप इसे टीमवर्क कहिये, पर यह टीमवर्क बिना टीम लीडर के अधूरा है। और इम्तियाज टीम लीडर हैं, जिनके बिना ‘हाईवे’ का सपना अधूरा है। वीरा के किरदार को निभाने के लिए केवल उसके संवाद और उसकी बॉडी लैंग्वेज को ही फॉलो करना जरूरी नहीं था, उसके अतीत से जुड़ी तमाम बातें ऐसी हैं, जिससे वीरा का किरदार खड़ा होता। अतीत और वर्तमान के बीच झूलती वीरा जब खुले आकाश में आती है तो एकदम अलग बन जाती है। करीना कपूर से आपकी बार-बार तुलना की जा रही है। कैसा लगता है और करियर के शुरुआती दौर में क्या यह तुलना ठीक है?
वाओ...बहुत अच्छा लगता है। मैं उनकी बहुत बड़ी फैन हूं, पर मुझे लगता है कि ये सच नहीं है। कई बार ऐसी तुलना परेशानी का सबब भी बन जाती है। इंडस्ट्री में एक किरदार हिट होने पर एक भेड़चाल-सी शुरू हो जाती है। आपको भी इसका सामना करना पड़ा?
हां, ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ के बाद मेरे पास दजर्न भर वैसे ही रोल आये, पर मुझे अपील नहीं कर पाए। वे लोग मुझमें एक कॉलेज गोइंग लड़की देख रहे थे। कोई बात नहीं। पर उनमें वैरायटी भी हो सकती थी, जो नहीं थी। पर अपनी पहचान बनाने के लिए आपको कई बार एक तरह के किरदार भी करने पड़ते हैं?
मुझे लगता है कि पहचान किसी भी रूप में बन सकती है। आप एक जैसे रोल करेंगे, अच्छे करेंगे तो भी लोग आपको पहचानेंगे, पसंद करेंगे। और अगर आपके पास अलग-अलग तरह के रोल निभाने के विकल्प हैं और आप उनमें भी अच्छा कर रहे हैं तो पहचान का संकट नहीं होगा। जैसे कि मैं अपनी आने वाली फिल्मों- ‘2 स्टेट्स’ और ‘हम्प्टी शर्मा की दुल्हनिया’ में दो अलग-अलग किरदार कर रही हूं। एक फिल्म में तमिल और दूसरी में पंजाबी लड़की का रोल कर रही हूं। इन दोनों किरदारों को करने के लिए मैंने अलग-अलग तरह की ट्रेनिंग ली है। सिद्धार्थ और वरुण के साथ अफेयर की खबरें परेशान करती हैं?
वेल, ऐसी खबरों से मैं परेशान तो होती ही हूं, हैरान भी होती हूं कि गॉसिप बनाने के लिए न जाने क्या-क्या लिख दिया जाता है। आखिर इस तरह की खबरों में कुछ तो सच्चाई होती होगी?
फिलहाल तो बिलकुल सच्चाई नहीं है। और आपका ताजा लिंक तो अर्जुन कपूर के साथ जोड़ा जा रहा है..
मैंने कहा ना कि अगर कुछ सच होगा तो खुद सामने आएगा। और उस समय मैं उसे खुद कबूल करूंगी। फिल्म साइन करने की जल्दबाजी आप में नहीं दिखती..
हां, मैं किसी तरह की जल्दबाजी में नहीं हूं। इस साल मेरी दो फिल्में और रिलीज होने वाली हैं। ‘हम्प्टी शर्मा की दुल्हनिया’ की शूटिंग मैं कर रही हूं। अगले साल के लिए फिलहाल मेरे पास कोई फिल्म नहीं है। फैशन और स्टाइल के मामले में सोनम कपूर आपकी तारीफ करती नजर आती हैं। कैसा लगता है?
अच्छा लगता है। पर मुझे लगता है कि मैं बहुत ज्यादा फैशनेबल नहीं हूं। बस खुद को ठीक से कैरी कर लेती हूं। सोनी राजदान टिपिकल फिल्मी मॉम की तरह हैं या कुछ अलग हैं?
नहीं, मॉम ऐसी नहीं हैं। पहली फिल्म के दौरान वह जरूर सेट पर आती थीं, लेकिन हाईवे के दौरान वह बेहद कम साथ थीं। वह फिल्मी मॉम बिलकुल नहीं हैं।
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