कुछ-कुछ होता है, कभी खुशी-कभी गम, मोहब्बतें, कल हो न हो, मैं हूं न और
ओम शांति ओम जैसी बॉलिवुड की कई सुपरहिट फिल्मों में कोरियोग्राफी कर
चुकीं फेमस कोरियोग्राफर गीता कपूर डांस इंडिया डांस के सीजन 2 समेत तमाम
शो में जज बनकर आ चुकी हैं। क्या है उनकी सक्सेस का सीक्रेट, बता रही हैं
खुद गीता कपूर.. डेडिकेशन है जरूरी
मैं इस फील्ड से शौकिया जुडी थी, लेकिन जब मैंने पाया कि डांस में भी एक जादू है, जिससे हम दुनिया का दिल जीत सकते हैं, तो मैं जुट गई दिल से इस काम में। उसके बाद मैंने जो भी काम किया, दिल से किया और उसमें पूरी तरह खो गई। मैं समझती हूं कि काम में डूबे बिना सफलता नहीं मिल सकती।
लर्न फ्रॉम एक्सपीरियंस
मैं हर काम को अपने या दूसरे के अनुभव से जोड कर देखती हूं। यह दरअसल एक जीवन यात्रा की तरह है। आप जीवन भर कुछ न कुछ सीखते ही रहते हैं। जैसे पढने की कोई उम्र नहीं होती वैसे ही सीखने की भी कोई उम्र नहीं होती। जब चाहो पढो, लेकिन दिल से। जब चाहो डांस सीखो..। मैंने पहले भी बताया है कि मैं बच्चों की गुरु कहलाती हूं, वे मुझे मां कहते हैं, लेकिन सच यही है कि मैं भी बच्चों से बहुत कुछ सीखती हूं। जीवन में नए अनुभव हासिल होते रहते हैं और हम इसी के जरिए आगे बढते हैं। अनुभव हमारे लिए बहुत जरूरी हैं।
बनें अच्छा इंसान
आपकी पहली पहचान अपने घर में बनती है, फिर मोहल्ले और समाज में। फिर इसका दायरा कुछ आगे बढता है और फिर इसी तरह से आप दुनिया भर में जाने जाते हैं। यानी आप अगर इंसान अच्छे हैं, तो आपको पहचान और सफलता मिलते देर नहीं लगेगी। आप चाहे किसी भी पेशे में हों, कुछ भी करते हों, इंसान बनना हस्ती बनने की बुनियाद है। आप सामाजिक होंगे, तो अच्छे समाज का निर्माण करेंगे। ऐसा करने पर ही आप समाज के लिए कुछ कर पाएंगे।
जारी रहे चिंतन
कहते हैं कि चिंता चिता समान है और चिंतन आगे का मार्ग..। इसलिए आप किसी भी स्थिति में हों, चिंतन के लिए वक्त जरूर निकालें। अपनी चिंतनशीलता को कभी खत्म न होने दें। यदि ऐसा होगा, तभी आप कुछ रच पाएंगे, कर पाएंगे और बना पाएंगे। लीक से अलग कुछ करने के लिए चिंतन जरूरी है।
करती हूं दिल से प्यार
आज मैं जो भी हूं उसमें लोगों के प्यार की बडी भूमिका है। लोग और खासकर युवा पीढी मुझे गीता मां के नाम से जानती और बुलाती है। वजह साफ है कि युवाओं को मैं मां की तरह गाइड करती हूं। मैं उनकी डांस टीचर भी हूं, लेकिन पहले मां हूं। हमें इस प्यार के बदले उनसे प्यार मिलता है, वे दिल से सीखते हैं और मुझे संतुष्टि मिलती है और साथ ही आगे बढने का हौसला भी।
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